आगरा। गुप्त नवरात्र के पावन पर्व पर प्राचीन सीताराम मंदिर, वजीरपुरा में आयोजित नौ दिवसीय विशेष रात्रि हवन एवं मां भगवती की आराधना का क्रम श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ जारी है। अष्टमी तिथि पर मां पीतांबरा (बगलामुखी) की विशेष पूजा-अर्चना, मंत्रोच्चार एवं हवन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर विधि-विधान से आहुतियां अर्पित कीं और परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्यता तथा शत्रु बाधाओं से रक्षा की कामना की।
मंदिर के महंत अनंत उपाध्याय ने कहा कि गुप्त नवरात्र साधकों और शक्ति उपासकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इस अवधि में की गई देवी आराधना, जप, तप, हवन और साधना का फल कई गुना बढ़कर प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि गुप्त नवरात्र आत्मशुद्धि, आध्यात्मिक उन्नति और देवी कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर हैं, इसलिए श्रद्धालुओं को पूर्ण श्रद्धा और नियमपूर्वक मां आदिशक्ति की उपासना करनी चाहिए।
महंत अनंत उपाध्याय ने अष्टमी तिथि का महत्व बताते हुए कहा कि इस दिन मां पीतांबरा अर्थात मां बगलामुखी की आराधना का विशेष विधान है। मां बगलामुखी दशमहाविद्याओं में आठवीं महाविद्या मानी जाती हैं और इन्हें शत्रुओं का स्तंभन करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है। उनकी कृपा से साधक को साहस, आत्मविश्वास, वाणी में प्रभाव, न्यायिक कार्यों में सफलता तथा विरोधियों पर विजय प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि मां की उपासना सदैव धर्म, सत्य और लोककल्याण की भावना से करनी चाहिए।
रात्रि हवन के दौरान वैदिक मंत्रों एवं मां पीतांबरा के मंत्रों के साथ आहुतियां समर्पित की गईं। मंदिर परिसर मां के जयकारों, घंटा-घड़ियाल और शंखनाद से भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ हवन में सहभागिता निभाई तथा मां भगवती से सभी के कल्याण की प्रार्थना की।
इस अवसर पर मनीष अग्रवाल, हर्षवर्धन पाठक, मुकेश शर्मा, अरुण उपाध्याय, मनोज अग्रवाल, हनी, बॉबी, डॉ. संजीव नेहरू आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।
- गुप्त नवरात्र की अष्टमी परआगरा में मां पीतांबरा की विशेष आराधना, रात्रि हवन में दी गईं बगलामुखी के मंत्रों की आहुति - July 22, 2026
- ’मैं जीना चाहता था पर…’: आगरा में युवक ने वीडियो बनाकर पत्नी से मांगी माफी, फिर फंदे से लटक कर दी जान - July 22, 2026
- ’मैं जीना चाहता था पर…’: आगरा में युवक ने वीडियो बनाकर पत्नी से मांगी माफी, फिर फंदे से लटक कर दी जान - July 22, 2026