लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान किसानों की समस्याओं को लेकर सदन में जबरदस्त गरमा-गरमी देखने को मिली। समाजवादी पार्टी के विधायक अनिल प्रधान ने किसानों की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा, जिस पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पलटवार किया।
विपक्ष के आरोप: जमीन, खाद और महंगाई
सपा विधायक अनिल प्रधान ने सदन में कहा कि विकास के नाम पर किसानों की कीमती जमीनें औने-पौने दामों पर ली जा रही हैं। उन्होंने खाद की किल्लत, अन्ना पशुओं द्वारा फसल बर्बादी और डीजल की बढ़ती कीमतों का जिक्र करते हुए कहा कि किसान कर्ज के बोझ तले दबा है और खाद के लिए उसे पुलिस की लाठियां खानी पड़ रही हैं।
कृषि मंत्री का जवाब: डीजल की कीमतों पर घेरा
विधायक के सवालों का जवाब देते हुए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने दावों को निराधार बताया। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा उत्तर प्रदेश में डीजल पर वैट अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है। पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु समेत करीब 20 राज्यों से सस्ता डीजल यूपी में मिल रहा है।
मंत्री ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों में किसानों पर गोलियां चलाई जाती थीं, जबकि योगी सरकार किसानों से संवाद कर उन्हें ‘मार्केट रेट’ पर मुआवजा दे रही है।
राजभर का प्रहार: “विरोध की राजनीति कर रही सपा”
कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सपा के पास विरोध के अलावा कोई एजेंडा नहीं है। राजभर ने तुलना करते हुए कहा कि सपा शासन में दिव्यांग पेंशन मात्र 300 रुपये थी, जिसे वर्तमान सरकार ने बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया है। किसान सम्मान निधि सीधे खातों में भेजकर बिचौलियों को खत्म किया गया है।
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