50 साल से अधिक की उम्र पार कर चुके उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को अनिवार्य रिटायरमेंट देने के लिए स्क्रीनिंग फिर शुरू होगी। सभी विभागों को 31 जुलाई तक इसे पूरा करना है। 31 मार्च 2022 तक जिन कर्मचारियों की उम्र 50 साल पूरी हो रही है, वे स्क्रीनिंग के दायरे में आएंगे। इस प्रक्रिया में ऐसे कर्मचारियों को चिह्नित किया जाएगा, जो काम नहीं करते या जिन पर भ्रष्टाचार के गंभीर मामले हैं। स्क्रीनिंग में कर्मचारियों का एसीआर भी देखा जाता है। कोरोना के कारण पिछले दो साल से स्क्रीनिंग बंद थी।
450 से ज्यादा किए जा चुके रिटायर
2018 से अब तक 450 से अधिक कर्मचारियों को अनिवार्य रिटायरमेंट दिया जा चुका है। इनमें राजपत्रित अधिकारी भी शामिल हैं। पिछले साल मार्च में तीन आईपीएस अधिकारियों को भी अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई थी। इनमें अमिताभ ठाकुर, राजेश कृष्णा और राकेश शंकर शामिल थे। अभी तक किसी आईएएस अफसर को अनिवार्य सेवानिवृत्ति नहीं दी गई है।
50 पार पुलिसकर्मियों की स्क्रीनिंग में उनकी एसीआर यानी एनुअल कॉन्फिडेंशियल रिपोर्ट की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। एसीआर में कर्मचारियों के कार्य का मूल्यांकन, उसका चरित्र, व्यवहार, कार्य क्षमता और योग्यता की जानकारी होती है। स्क्रीनिंग कमेटी सभी कर्मचारियों की एसीआर देखती है। इसके आधार पर फैसला लिया जाता है।
-एजेंसियां
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