आगरा। फतेहपुर सीकरी के सांसद राज कुमार चाहर ने आज फिर आगरा की यमुना, चम्बल, किवाड़, खारी और उटंगन नदी में आगरा के हक के पानी का मुद्दा उठाया। राजस्थान के पांचना बांध पर रोके गये उटंगन नदी के पानी को छोड़े जाने की मांग भी उन्होंने उठाई।
संसद में जल शक्ति मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा में पार्टी के ओर से बोलते हुए सांसद चाहर ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी हमारे भागीरथ हैं। 2019 में जब वे सांसद चुने गये थे, तब उनके क्षेत्र में बड़ा जल संकट था। उससे पहले का भी इतिहास गवाह है मुगल शासक अकबर ने भी फतेहपुर सीकरी को इसलिए छोड़ा क्योंकि वहां पानी की कमी थी। खारा पानी था।
आगरा-मथुरा-फिरोजाबाद के लिए 4 हजार करोड़
सांसद चाहर ने कहा कि 2019 में 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से घोषणा की जल जीवन मिशन के अंतर्गत देश की पेयजल की समस्या का समाधान किया जाएगा। फतेहपुर सीकरी में 440 वर्ष से चली आ रही पानी की समस्या का समाधान 2019 से निकलना शुरू हुआ। फतेहपुर सीकरी के साथ आगरा, मथुरा और फिरोजाबाद के लिए 4000 करोड़ की योजना प्रधानमंत्री ने दी। आज हर घर नल से गंगाजल के लिए उनके पूरे संसदीय क्षेत्र में काम चल रहा है। पीएम मोदी ने सीकरी, मथुरा, फिरोजाबाद की जनता के लिए भागीरथ जैसा काम किया है।
2028 तक हर घर नल से जल
उन्होंने कहा जब जल जीवन मिशन योजना आई तो 2019 से पहले केवल देश में तीन करोड़ लोगों के घरों में में कनेक्शन था। आज 15 करोड़ घरों के अंदर कनेक्शन हो चुके हैं। आने वाले समय में 100 फीसदी घरों में कनेक्शन पहुंच जाएंगे। सरकार का यह अभियान तेजी से चल रहा है। इसके लिए 2028 तक का समय भी आगे बढ़ा दिया गया है। 2028 तक पूरे देश के अंदर कोई घर ऐसा नहीं रहेगा, जिस घर में हर घर नल से जल नहीं पहुंचे।
दिल्ली से यमुना का साफ पानी आगरा पहुंचे
भाजपा सांसद ने अपने लोकसभा क्षेत्र फतेहपुर सीकरी ओर आगरा जिला की गंभीर समस्या को उठाते हुए कहा कि मेरे यहां पांच नदियां हैं। ये हैं, यमुना, चंबल, किवाड़, खारी और उटंगन नदी। यमुना नदी में जल बहुत कम हो चुका है। दिल्ली में केजरीवाल के मुख्यमंत्री रहते यमुना की स्वच्छता के लिए कोई काम नहीं हुआ। दिल्ली का गंदा पानी सिंचाई के लिए हमारे आगरा के किसानों को मिलता है। मेरी सरकार से मांग है कि यमुना का पानी स्वच्छ कर हमारी नहरों तक पहुंचाया जाए।
उत्तराखंड के प्रस्तावित डैम से पानी मिले
सांसद चाहर ने कहा कि मेरी जानकारी में है कि उत्तराखंड में एक डैम बनाने की योजना बनी है। उत्तराखंड का जब यह डैम बन जाए तो उसमें से हमारी आगरा कैनाल के लिए भी यमुना का पानी दे दिया जाए। इससे आगरा जिले में सिंचाई की समस्या का समाधान हो जाएगा।
बटेश्वर के विकास को यमुना में पर्याप्त जल हो
चाहर ने कहा उनके लोकसभा क्षेत्र में बटेश्वर एक पवित्र तीर्थस्थान है। भगवान शिव का मंदिर है। यमुना जी वहां बहती हैं ओर भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी का यह पैतृक गांव भी है। बटेश्वर एक धार्मिक पर्यटन नगरी के रूप में उभर रहा है। इसके और विकास के लिए यमुना में पर्याप्त जल छोड़ा जाए।
बारिश में चंबल में पानी छोड़ने से बाढ़ आती है
उन्होंने कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र में चम्बल नदी भी है, लेकिन चंबल नदी में बैलेंस नहीं है। राजस्थान के कोटा में बांध बना हुआ है। कोटा डैम से चम्बल नदी में पानी छोड़ा जाता है। 2023 में 3 लाख क्यूसिक जल छोड़ा गया। अगर डेढ़ लाख क्यूसिक जल छोड़ दिया जाए तो नदी में बाढ़ आ जाती है। हर जुलाई-अगस्त के महीने में बाढ़ आती है। हजारों परिवार बेदखल हो जाते हैं। उन्होंने सदन में सरकार से मांग की कि कोटा से बैलेंस पानी छोड़ा जाए। आगरा में चंबल का तीन हजार क्यूसिक पानी आता है। इसे 500 क्यूसिक और बढ़ाया जाए, ताकि उनके क्षेत्र की सिंचाई की समस्या का समाधान हो सके।
पांचना बांध से आगरा के हिस्से का पानी दें
सांसद चाहर ने कहा कि आगरा में उटंगन नदी राजस्थान से प्रवेश करती है। राजस्थान के भरतपुर जिले में पांचना बांध के बाद यह नदी रिहावली से उनके क्षेत्र में फतेहाबाद-बाह तक जाती है। यह नदी नाम की रह गई है क्योंकि राजस्थान से हमें हमारे हिस्से का पानी नहीं मिल रहा। राजस्थान सरकार आगरा को उसके हिस्से का पानी दे। केंद्र सरकार से भी इसमें सहयोग की अपेक्षा है। रिहावली में एक बांध बनाया जाए ताकि उनके क्षेत्र का जलस्तर ऊंचा उठ सके।
किवाड़ और खारी नदी को दूसरी नदियों से जोड़ें
आगरा जिले में बहने वाली किवाड़ और खारी नदी का जिक्र करते हुए सांसद ने कहा कि ये नदियां बरसाती बनकर रह गई हैं। सरकार कोई ऐसी योजना बनाए कि इन नदियों को दूसरी नदियों से जोड़ दिया जाए ताकि इनमें वर्ष भर पानी रह सके। इसके साथ ही यमुना, चम्बल, किवाड़, खारी और उटंगन नदी पर आगरा जिले में बांध भी बनाए जाएं ताकि किसानों को इसका लाभ मिल सके।
सीकरी ब्लाक के 70 गांवों के लिए नहर बने
सांसद ने कहा उनके क्षेत्र के फतेहपुर सीकरी ब्लॉक में राजस्थान सीमा से लगे 70 गांवों में जलस्तर इतना नीचे चला गया है कि वहां सिंचाई के लिए ट्यूबवेल नहीं लगा सकते। सिंचाई का और कोई माध्यम नहीं है। सरकार इन गांवों के लिए एक नहर का निर्माण कराए ताकि इन गांवों की समस्या हल हो सके। युमना और चम्बल में पानी रहने पर इनका जल मार्ग के रूप में भी उपयोग हो सकेगा। ताजमहल से लेकर बटेश्वर तक जलमार्ग भी बन जाएगा।
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