राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने लंबे समय तक अपने आर्थिक सलाहकार रहे मोहम्मद मुस्तफ़ा को फ़लस्तीनी प्राधिकरण का अगला प्रधानमंत्री नियुक्त किया है. 26 फ़रवरी को मोहम्मद सातायेह के इस्तीफ़े के बाद से यह पद खाली था. 2014 में ग़ज़ा पर इसराइल के हमले के बाद उसके पुनर्निर्माण में मुस्तफ़ा ने अहम भूमिका निभाई थी.
मुस्तफ़ा की नियुक्ति ऐसे समय हो रही है, जब ग़ज़ा में जारी युद्ध के बाद फ़लस्तीनी प्राधिकरण की भूमिका में बदलाव लाने की अमेरिका की योजना है.
अमेरिका चाहता है कि ग़ज़ा में युद्ध ख़त्म होने के बाद हमास की जगह वहां फ़लस्तीनी प्राधिकरण को सत्ता संभालने की ज़िम्मेदारी मिले.
हालांकि अमेरिका की इस योजना का इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू कड़ा विरोध कर रहे हैं. उधर ग़ज़ा में इसराइल के हमले अभी रूकने का नाम नहीं ले रहे हैं.
फ़लस्तीनी प्राधिकरण का मुखिया राष्ट्रपति होता है, जो वेस्ट बैंक और पूर्वी यरूशलम के लोगों द्वारा चुना जाता है. महमूद अब्बास 2005 से फ़लस्तीनी प्राधिकरण के प्रमुख हैं.
-एजेंसी
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