लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अपने संगठन को पूरी तरह से नया रूप दे दिया है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अपनी नई टीम की घोषणा कर दी है, जिसमें ‘सोशल इंजीनियरिंग’ और क्षेत्रीय संतुलन का विशेष ध्यान रखा गया है। नई कार्यकारिणी में अनुभवी नेताओं और ऊर्जावान युवा चेहरों का एक अनूठा मेल देखने को मिल रहा है।
आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर तैयार की गई इस नई कार्यकारिणी में कुल 19 नेताओं को उपाध्यक्ष और 8 नेताओं को महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा जमीनी स्तर पर मोर्चा संभालने के लिए 46 नेताओं को प्रदेश मंत्री नियुक्त किया गया है, जिसमें क्षेत्रीय और मोर्चा प्रभारी भी शामिल हैं।
इस नई टीम में वरिष्ठता और सांगठनिक अनुभव का खास ख्याल रखा गया है। प्रदेश उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने वाले 19 दिग्गजों में सुरेश राणा, सत्यपाल सैनी, ब्रज बहादुर, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, मोहित बेनीवाल, रमेश सिंह, शंकर गिरी, कामेश्वर सिंह और नीरज सिंह शामिल हैं।
महिलाओं की भागीदारी:
पार्टी ने ‘आधी आबादी’ को प्रतिनिधित्व देते हुए प्रियंका रावत, अर्चना मिश्रा, पूजा पाल और डॉ. कृतिका अग्रवाल जैसी महिला नेत्रियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
वहीं, संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले 8 प्रदेश महामंत्रियों में रामप्रताप सिंह चौहान, गीता शाक्य, अभिजात मिश्रा, उपेंद्र रावत, संजय राय, शंकर लोधी, दिलीप पटेल और राजेश चौधरी को शामिल किया गया है, जो पूरे प्रदेश में सांगठनिक गतिविधियों को गति देंगे
जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को लामबंद करने और सरकार की नीतियों को जनता तक पहुंचाने के लिए 46 मंत्रियों की फौज उतारी गई है, जिसमें विजय शिवहरे, बसंत त्यागी, शिवभूषण सिंह, अंकुर शर्मा और अनिल यादव जैसे जुझारू चेहरे शामिल हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंकज चौधरी की इस टीम को सोशल इंजीनियरिंग (ब्राह्मण, ठाकुर, जाट, ओबीसी और दलित समीकरण) को ध्यान में रखकर बेहद बारीकी से बुना गया है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी इसी नई और ऊर्जावान टीम के भरोसे 2027 के चुनावी समर में विपक्षी गठबंधन को मात देने के इरादे से मैदान में उतरेंगे।
चुनावी रणनीति और सोशल इंजीनियरिंग:
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पंकज चौधरी ने इस कार्यकारिणी को ब्राह्मण, ठाकुर, जाट, ओबीसी और दलित समीकरणों को ध्यान में रखते हुए बुना है। यह टीम न केवल सांगठनिक ढांचे को दुरुस्त करेगी, बल्कि सरकार की कल्याणकारी नीतियों को सीधे जनता तक पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाएगी। विपक्षी गठबंधन को मात देने के इरादे से बीजेपी ने एक ऐसी टीम मैदान में उतारी है जो संगठन के अनुभव और चुनाव प्रबंधन में माहिर है।
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