मुरैना में बड़ा हादसा: आग की अफवाह से मची भगदड़, ट्रेन से कूदे 4 यात्रियों की दूसरी ट्रेन की चपेट में आकर मौत

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मुरैना/आगरा। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में स्थित हेतमपुर स्टेशन के पास रविवार को एक भीषण रेल हादसा हो गया, जिसमें 4 यात्रियों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में 3 यात्री आगरा के निवासी हैं, जबकि एक बीकानेर की बताई जा रही है। हादसा ट्रेन में आग लगने की महज एक अफवाह के बाद मची भगदड़ के कारण हुआ।

क्या है पूरा मामला?

रेलवे प्रशासन के अनुसार, रविवार शाम लगभग 4:15 बजे खजुराहो–उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 19665) झांसी मंडल के हेतमपुर–धौलपुर रेलखंड से गुजर रही थी। तभी किसी यात्री द्वारा चेन पुलिंग किए जाने के बाद ट्रेन बीच रास्ते में ही रुक गई। इसी दौरान ट्रेन में आग लगने की अफवाह फैल गई, जिससे यात्रियों में अफरातफरी मच गई। जान बचाने की हड़बड़ी में कई यात्री ट्रेन से नीचे कूद गए और समीपवर्ती रेल पटरी पर चले गए। इसी दौरान दूसरी दिशा से आ रही फिरोजपुर–सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 20424) वहां से गुजरी और पटरी पर मौजूद यात्री उसकी चपेट में आ गए।

आगरा के 3 लोगों की दर्दनाक मौत

मुरैना के जिलाधिकारी लोकेश कुमार ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना में 3 महिलाओं और एक बच्चे की जान गई है। मृतकों की पहचान ​आफरीन (35 वर्ष) – आगरा निवासी, अशद (4 वर्ष) – आगरा निवासी, ​वीरमा देवी (58 वर्ष) – आगरा निवासी, ​सकुंतला (60 वर्ष) – बीकानेर निवासी के रूप में हुई है।

इस हादसे ने आगरा के दो परिवारों में मातम फैला दिया है। मृतकों के परिजनों को घटना की सूचना मिलते ही उनका रो-रोकर बुरा हाल है।

​रेलवे और प्रशासन की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए। राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाया गया। प्रशासन ने घायलों और पीड़ित यात्रियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

जांच जारी, यात्रियों से अपील

रेलवे प्रशासन ने इस दुर्घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया है और घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। साथ ही, रेल प्रशासन ने सभी यात्रियों से अपील की है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में या ट्रेन के रुकने पर बिना अनुमति या बिना किसी पुख्ता जानकारी के ट्रेन से न उतरें और सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें। यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि कैसे एक छोटी सी ‘अफवाह’ किसी की जान की दुश्मन बन सकती है।

Dr. Bhanu Pratap Singh