रोझौली की माटी का साहित्यिक सम्मान: 90 वर्षीय चिरंजीलाल चक्खन ने रची ‘प्रेमदूत’ और ‘संगीत रामायण’, भव्य समारोह में हुआ लोकार्पण

PRESS RELEASE

​किरावली/आगरा: आगरा के चाहरवाटी क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक गांव रोझौली ने एक बार फिर साहित्य के क्षेत्र में अपना परचम बुलंद किया है। रविवार को गांव के वरिष्ठ साहित्यकार और शिक्षाविद, 90 वर्षीय चिरंजीलाल चक्खन द्वारा रचित दो महत्वपूर्ण कृतियों ‘प्रेमदूत’ और ‘संगीत रामायण’ का लोकार्पण उनके निजी मंदिर परिसर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में किया गया।

इतिहास और संगीत का अनूठा समन्वय

लेखक चिरंजीलाल चक्खन ने ‘प्रेमदूत’ खंड काव्य के माध्यम से महान स्वतंत्रता सेनानी राजा महेंद्र प्रताप के जीवन संघर्ष और राष्ट्रभक्ति को जीवंत किया है, जो आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। वहीं, उनकी दूसरी कृति ‘संगीत रामायण’ श्रीराम के संपूर्ण जीवन चरित्र को लोक, शास्त्रीय और फिल्म संगीत के मधुर समन्वय के साथ प्रस्तुत करती है। इस कृति की संगीतात्मक शैली ने साहित्य प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

​गौरवशाली परंपरा का केंद्र रोझौली

साहित्यिक समारोह के दौरान रोझौली गांव की ऐतिहासिक विरासत को भी याद किया गया। वक्ताओं ने बताया कि यह गांव न केवल साहित्य, बल्कि राजनीति, सेना, प्रशासन और विज्ञान के क्षेत्र में भी देश को महान रत्न दे चुका है। जनरल रिपुदमन सिंह, हिंद केसरी तेजसिंह चाहर, पूर्व राजदूत लोकेंद्र अस्थाना और वैज्ञानिक अतर सिंह जैसे महान विभूतियों ने इस गांव की मिट्टी को गौरवान्वित किया है।

अतिथियों का सम्मान और लेखकीय संवेग

लोकार्पण समारोह में सेवानिवृत्त एडीएम यादराम सिंह, ब्लॉक प्रमुख गुड्डू चाहर, चाहरवाटी महासभा के अध्यक्ष मलखान सिंह भगत, दिगम्बर सिंह चाहर, देशराज सिंह चाहर, ग्राम प्रधान केशव सिंह चाहर और बंटी सिसोदिया सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। अपनी दशकों की साहित्य साधना को पुस्तकों के रूप में समाज के सामने देखकर 90 वर्षीय लेखक चिरंजीलाल चक्खन अत्यंत भावुक हो गए।

​आकाशवाणी कलाकार महावीर सिंह चाहर द्वारा संचालित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में शिरकत कर साहित्य के प्रति अपना प्रेम प्रदर्शित किया। समारोह का वातावरण न केवल साहित्यिक रहा, बल्कि इसमें राष्ट्रभक्ति और गौरवशाली अतीत की गूँज भी स्पष्ट सुनाई दी।

Dr. Bhanu Pratap Singh