लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी से सिंगापुर और जापान के चार दिवसीय दौरे पर रवाना होंगे। उनके साथ 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी जाएगा। इस दौरान वह दोनों देशों में निवेशकों से मुलाकात करेंगे और भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे।
कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री 23 और 24 फरवरी को सिंगापुर में रहेंगे, जबकि 25 और 26 फरवरी को जापान का दौरा करेंगे। दोनों देशों में कम्यूनिटी इवेंट आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, राजनीतिक प्रतिनिधियों और उद्योग जगत से जुड़े लोगों के साथ भी बैठकें प्रस्तावित हैं।
इसी बीच, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री के दौरे पर टिप्पणी की है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि जब मुख्यमंत्री जापान जा रहे हैं तो क्योटो भी अवश्य जाएं, ताकि यह समझ सकें कि काशी क्योटो जैसा क्यों नहीं बन पाया और उसकी विरासत कैसे प्रभावित हुई। उन्होंने जापान से विरासत संरक्षण और शहरी विकास का सबक लेने की सलाह दी।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि कार्यकाल के अंतिम वर्ष में इस तरह का दौरा कितना प्रभावी साबित होगा, यह देखने वाली बात होगी। उन्होंने इसे ‘मनसुख-पर्यटन’ बताते हुए तंज कसा और कहा कि अगर मुख्यमंत्री इसे स्वीकार कर लें तो कम से कम एक सच बोलने के लिए उन्हें याद रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से दौरे को निवेश, औद्योगिक सहयोग और प्रवासी भारतीयों से संवाद के लिहाज से अहम बताया गया है।
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