नई दिल्ली। यौन अपराधों के आरोपी रहे अमेरिकी कारोबारी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी कथित फाइलों को लेकर कांग्रेस और केंद्र सरकार आमने-सामने आ गए हैं। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख है और इसे “राष्ट्रीय शर्म” का विषय बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री से सार्वजनिक तौर पर स्पष्टीकरण देने की मांग भी की।
खेड़ा ने अपने पोस्ट में कहा कि एपस्टीन जैसे दोषी व्यक्ति द्वारा प्रधानमंत्री का नाम लिया जाना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने अमेरिकी न्याय विभाग की एक लिंक साझा करते हुए आरोप लगाया कि इस मामले से भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि और कूटनीतिक पारदर्शिता पर असर पड़ता है। खेड़ा ने तीन सवाल उठाते हुए पूछा कि कथित तौर पर एपस्टीन से सलाह क्यों ली गई, इजराइल यात्रा से जुड़ी टिप्पणियों का क्या संदर्भ है और संदेश में लिखे “IT WORKED” का क्या अर्थ है।
अपनी दूसरी पोस्ट में खेड़ा ने एक कथित चैट का स्क्रीनशॉट साझा किया, जिसमें 24 मई 2019 की तारीख का जिक्र करते हुए दावा किया गया कि एपस्टीन और कुछ अमेरिकी राजनीतिक हस्तियों के बीच बातचीत में प्रधानमंत्री का उल्लेख हुआ। कांग्रेस का कहना है कि इन दावों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
उधर केंद्र सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि एपस्टीन एक घोषित अपराधी था और उसके कथनों को विश्वसनीय नहीं माना जा सकता। मंत्रालय के अनुसार, संबंधित ई-मेल या दस्तावेजों में प्रधानमंत्री की जुलाई 2017 की आधिकारिक इजराइल यात्रा के अलावा अन्य दावे तथ्यहीन और मनगढ़ंत हैं, जिन्हें गंभीरता से लेने का कोई आधार नहीं है।
फिलहाल इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज है, जबकि सरकार का रुख स्पष्ट है कि आरोपों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है और उन्हें महत्व नहीं दिया जाना चाहिए।
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