Agra, Uttar Pradesh, India. उत्तर प्रदेश में आगरा के युवा समाजसेवी गजेंद्र शर्मा और श्री राहुल शर्मा ने देश की सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) के माध्यम से जनहित याचिका दाखिल करके रिजर्व बैंक से 24 करोड़ लोन धारकों को मोराटोरियम (loan moratorium) से लाभ दिलवाया है। आगरा का नाम विश्व में चर्चित कर ऐतिहासिक कार्य किया है।

आगरा के नाम से जाना गया केस
लीडर्स आगरा (Leaders agra) के महामंत्री सुनील जैन ने बताया कि देश में सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार किसी नागरिक की याचिका को भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve bank of India) के खिलाफ सुनकर बड़ा ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। सरकार की दलील थी कि आर्थिक नीतियों के विरुद्ध और रिजर्व बैंक के खिलाफ सुनवाई नहीं हो सकती। गजेंद्र शर्मा के केस में यह फैसला एक नजीर बन गया। लोगों ने अदालत में इस केस को भी आगरा के नाम से जाना। इससे आगरा की गरिमा में और बढ़ोत्तरी हुई।

प्राइम ऑप्टिकल पर किया सम्मान
सामाजिक संस्था लीडर्स आगरा ने गजेंद्र शर्मा और उनके पुत्र व एडवोकेट राहुल शर्मा को उनके प्रतिष्ठान प्राइम ऑप्टिकल, संजय प्लेस, आगरा पर जाकर शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। सुनील जैन, अंजलि गुप्ता, राहुल जैन, अरुण वर्मा, संदीप परिहार और राजू सविता ने आकर्षक प्रतीक चिह्न भेंट किया।

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