कर्नाटक उच्च न्यायालय ने मंगलवार को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की 2022 में उनके खिलाफ दर्ज एक प्राथमिकी को रद्द करने की याचिका खारिज कर दी और उन्हें छह मार्च को एमपी/एमएलए के लिए एक विशेष अदालत के सामने पेश होने का निर्देश दिया. हाईकोर्ट ने उन पर, साथ ही कांग्रेस महासचिव और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला, मंत्री एमबी पाटिल और रामलिंगा रेड्डी पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया.
केएस ईश्वरप्पा, जो उस समय ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री थे, के इस्तीफे की मांग को लेकर यहां तत्कालीन मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के आवास का घेराव करने के लिए मार्च निकालने के बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.
एक ठेकेदार संतोष पाटिल द्वारा ईश्वरप्पा पर अपने गांव में एक सार्वजनिक कार्य पर 40 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप लगाते हुए आत्महत्या करने के बाद यह आंदोलन किया गया था. पुलिस के मुताबिक, मामला सड़क जाम करने और यात्रियों को परेशानी पहुंचाने से जुड़ा है. कोर्ट का कहना था कि जन प्रतिनिधियों को नियमों का पालन करना चाहिए.
-एजेंसी
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