27 मई को उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के पटियाली कस्बे के तहसीलदार ने बाजार में घूम रहे लोगों को जबरन पकड़कर कोरोना टीका लगवाया।
22 मई को कोरोना वैक्सीन लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में रामनगर तहसील के सिसौंडा गांव पहुंची। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को देख नदी में छलांग लगा दी। उन्हें भय है कि टीका लगाते ही मौत हो जाएगी।
8 मई को उत्तर प्रदेश में हाथरस के गांव पबलोई में स्वास्थ्य विभाग की टीम जब टीकाकरण के लिए पहुंची तो ग्रामीण पशुओं के साथ खेतों में जाकर छिप गए।
इन तीन खबरों ने मुझे बेचैन कर दिया है। कोरोना वैक्सीन के प्रति इतनी अज्ञानता? सभी प्रकार के मीडिया में लगातार कोरोना वैक्सीन लगवाने की अपील की जा रही है। फिर भी लोग भयभीत हैं। तमाम प्रकार के भय पाले हुए हैं। अपने उ.प्र. में पंचायत चुनाव के बाद गांवों में कोरोना संक्रमण से खूब मौतें हुईं। चूंकि कोरोना की सरकारी जांच नहीं हुई, इसलिए रिकॉर्ड में नहीं हैं। सवाल पूछा, मौत कैसे हुई तो जवाब मिला- ‘कछू नांय, द्वै-तीन दिना बुखार सौ आयो, फिर पंखा चलन लगौ और मरिगौ। कोरोना ते कोऊ नांय मरौ’। यह नादानी भरी बात नहीं तो और क्या है? तमाम ग्राम प्रधान, बीडीसी आदि ने भी कोरोना टीका नहीं लगवाया है। भाजपा के जनप्रतिनिधियों ने टीका लगवाया है क्योंकि पार्टी का निर्देश था।
जानलेवा कोरोनावायरस से बचाव का एकमात्र उपाय टीकाकरण है। केन्द्र सरकार ने 19 जनवरी, 2021 से टीकाकरण शुरू कराया। प्रदेश सरकारें इस दिशा में खूब प्रयास कर रही हैं। इसके बाद भी लोग हैं कि टीकाकरण के लिए तैयार नहीं हैं। सरकारी कर्मचारियों पर तो सरकार का जोर है, लेकिन अन्य के बारे में क्या करे?
कोरोना टीका की दूसरी डोज लगवाने के प्रति उदासीनता समझ से परे है। फ्रंट लाइन वर्कर भी दूसरी डोज लगाने से बच रहे हैं। इस संबंध में भारत सरकार द्वारा जारी आंकड़े मैंने नीचे दिए हैं। यूं तो 20 करोड़ लोगों को टीका लग गया है लेकिन 135 करोड़ की आबादी वाले देश में से संतोषजनक नहीं कहा जा सकता है। कई केन्द्रों पर टीकाकरण की लम्बी लाइनें लगीं लेकिन इनमें मुस्लिम बहनों की संख्या शून्य दिखाई दी। एक वर्ग को भय है कि टीका से नपुंसक हो जाएंगे। इसे सदी का सबसे बड़ा जोक कहा जाए तो गलत नहीं होगा। पोलियो ड्रॉप के संबंध में भी यही बात कही जा रही थी और इसी कारण भारत से पोलियो भगाने में दशक लग गए। कोरोना टीका के प्रति भी यही भावना बलवती हो रही है।
अपने सामाजिक सरोकार को निभाते हुए ‘जनसंदेश टाइम्स’ सभी से अपील करता है कि टीकाकरण अवश्य कराएं। दुष्ट कोरोना से हमारी रक्षा टीका ही करेगा। किसी भ्रम में न पड़ें। कोई संदेह है तो चिकित्सक से परामर्श लें।
भारत में टीकाकरण की स्थिति
कुल टीकाकरणः 20,06,62,456
श्रेणी, पहली डोज, दूसरी डोज
हेल्थ वर्कर, 97.96 लाख, 67.29 लाख
फ्रंटलाइन वर्कर, 1.52 करोड़, 83.84 लाख
45-60 वर्ष, 6.21 करोड़, एक करोड़
60 वर्ष से अधिक, 5.71 करोड़, 1.84 करोड़
18-44 वर्ष 1.30 करोड़, –
नितेश शर्मा
संपादक, जनसंदेश टाइम्स
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