
मुंबई (अनिल बेदाग): भारत 2028 तक दुनिया का सबसे बड़ा वेब 3 डेवलपर हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी सफर में ऑटो-स्केलिंग लेयर-1 ब्लॉकचेन शार्डियम ने देश के प्रमुख नवाचार केंद्रों दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरू में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।
शार्डियम का ‘प्रूफ ऑफ कीज़ एयरड्रॉप’ कार्यक्रम वैश्विक स्तर पर बड़ी सफलता साबित हुआ है। पंजीकरण पोर्टल पर सबसे अधिक 17% विज़िट भारत से आए, जिससे देश शीर्ष पर रहा। भारत के बाद जापान, इंडोनेशिया और जर्मनी का स्थान रहा। यह पहल उपयोगकर्ताओं को 30 दिनों तक अपने निजी बटुए में एसएचएम टोकन सुरक्षित रखने के लिए प्रेरित करती है और वेब 3 के मूल सिद्धांतों—विकेंद्रीकरण व वित्तीय स्वतंत्रता—को बढ़ावा देती है।वर्तमान में शार्डियम का मेननेट टोकन ट्रांसफर सपोर्ट करता है, जबकि स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स को साल के अंत तक लॉन्च करने की योजना है।
यह पहली बार है जब किसी प्रमुख लेयर-1 ब्लॉकचेन ने स्व-संरक्षण और वित्तीय संप्रभुता पर केंद्रित एयरड्रॉप पेश किया है।
शार्डियम के सह-संस्थापक निश्चल शेट्टी ने कहा, “भारत की तेज़ी से बढ़ती Web3 भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि यह लहर सिर्फ महानगरों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में फैल रही है। शार्डियम का मकसद एक ऐसा ब्लॉकचेन बनाना है जो स्केलेबल, सुलभ और कम्युनिटी-संचालित हो—और भारत इसमें सबसे अहम भूमिका निभा रहा है।
-up18News
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