पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर अभद्र टिप्पणी मामला: आगरा कोर्ट में पेश हुई प्रगति रिपोर्ट, अब हरीपर्वत पुलिस करेगी मामले की विवेचना

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आगरा। पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्व. श्रीमती इंदिरा गांधी के विरुद्ध सोशल मीडिया पर की गई कथित अश्लील और अमर्यादित टिप्पणी के मामले में कानूनी प्रक्रिया अब तेज हो गई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) राशिद अली की अदालत में इस बहुचर्चित मुकदमे की महत्वपूर्ण सुनवाई हुई।

अदालत के समक्ष थाना न्यू आगरा पुलिस ने प्रगति आख्या प्रस्तुत करते हुए यह जानकारी दी कि विवेचना अब थाना हरीपर्वत को स्थानांतरित कर दी गई है। इसके बाद अदालत ने थाना हरीपर्वत से विस्तृत रिपोर्ट तलब करते हुए अगली सुनवाई के लिए 24 जुलाई 2026 की तिथि निर्धारित की है।

मामले की पृष्ठभूमि और पुलिसिया कार्रवाई

अदालत में थाना न्यू आगरा के उपनिरीक्षक रोहन सिंह द्वारा प्रस्तुत आख्या के अनुसार, मुकदमा अपराध संख्या 305/25, राज्य बनाम जितेंद्र तोमर उर्फ जीतू ठाकुर के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 152, 356 और आईटी एक्ट की धारा 66 सहित अन्य सुसंगत धाराओं में दर्ज है।

​वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा द्वारा दाखिल प्रार्थना पत्र पर 13 सितंबर 2025 को न्यायालय के आदेश के बाद यह मुकदमा दर्ज हुआ था। शुरुआती विवेचना तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक राजीव त्यागी द्वारा की गई, जिसमें एफआईआर, वादी के बयान और साइबर रिपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए। इसके बाद 13 नवंबर 2025 को जांच निरीक्षक अपराध सुबोध कुमार को दी गई। अंततः, पुलिस उपायुक्त (नगर) के आदेश पर 9 मार्च 2026 को विवेचना को थाना न्यू आगरा से थाना हरीपर्वत स्थानांतरित किया गया, जहाँ फिलहाल इसकी जांच प्रचलित है।

​क्या है पूरा विवाद?

यह मामला 11 मई 2025 को सोशल मीडिया पर की गई एक आपत्तिजनक पोस्ट से उपजा है। शिकायतकर्ता अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा का आरोप है कि जितेंद्र तोमर उर्फ जीतू ठाकुर ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी को लेकर अत्यंत अभद्र और अमर्यादित टिप्पणी की थी।

शिकायत के अनुसार, 13 मई 2025 को जब पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज नहीं की, तो वादी ने न्यायालय की शरण ली। अदालत के हस्तक्षेप के बाद ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने का कदम उठाया। अब चूंकि विवेचना थाना हरीपर्वत में लंबित है, इसलिए सीजेएम राशिद अली ने प्रभारी निरीक्षक हरीपर्वत को निर्देश दिया है कि वे 24 जुलाई तक मामले की अद्यतन प्रगति आख्या प्रस्तुत करें। यह मुकदमा देश की पूर्व प्रधानमंत्री के सम्मान और सोशल मीडिया के दुरुपयोग से जुड़े गंभीर कानूनी पहलुओं के कारण जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।

Dr. Bhanu Pratap Singh