Mathura (Uttar Pradesh, India)। मथुरा। जघन्य अपराध में भी प्रथम दृष्टया आत्महत्या बता देने की पुलिसिया कार्यप्रणाली अपराधियों के लिए वरदान साबित हो रही है। हर वार इस बयान के साथ पुलिस अपराध के ग्राफ को कम करके आंकने का प्रयास करती है। साथ ही मामला सनसनी खेज न बने इस लिए भी इस राह पर काम करती है। खुद पुलिस अधिकारियों का मानना है कि घटना स्थल पर पुलिस और लोगों के पहुंचने का शुरूआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता हैं। इस बीच कई महत्वपूर्ण सुरागों से जाने अनजाने छेडछाड संभव है। इसी बीच पुलिस घटना से जुडे महत्वपूर्ण सुबूत जुटाने का प्रयास करती है।
जघन्य वारदातों को भी पुलिस प्रथम दृष्टया आत्महत्या बता कर अपना पल्ला झाड लेती है
हालही में यमुना एक्सप्रेस वे की सर्विस लेन पर बुलियन कारोबारी की परिवार सहित गाडी के अंदर हत्या कर देने का मामला हो अथवा फरह थाना क्षेत्र में कक्षा दस के छात्र के पेड पर लटके मिले शव की घटना, थाना फरह क्षेत्र में हाईवोल्टेज की विद्युत लाइन के पोल से लटका मिला दूधिया का शव हो अथवा थाना युमनापार क्षेत्र में रेलवे लाइन के पास नाले में मिला युवक का शव। अगस्त के महीने में ही गांव मडुआका में पत्नी ने ही अपने पति की हत्या कर दी थी। इस मामले में पत्नी को गिरफ्तार कर पुलिस जेल भेज चुकी है। इस घटना में भी पुलिस ने प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला बता कर अपनी तरफ से एक बारगी बिना पोस्टमार्टम शव के अंतिम संस्कार की भी स्वीकृति दे दी थी। मृतक युवक के कुछ रिश्तेदारों ने अपनी पहुंच का इस्तेमाल करते हुए एसएसपी से संपर्क साधा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो खुलासा हुआ उससे पूरी कहानी ही बदल गई। मांट-पानीगांव रोड पर हुए सड़क हादसे में हुई गर्भवती महिला की मौत दम घुटने से हुई है यह खुलासा पोस्टमार्टम में हुआ। जबकि पुलिस ने इसे प्रथम दृष्टया सडक हादसा बता कर मामले को हल्का कर दिया था। थाना मांट के अन्तर्गत मांट पानीगांव मार्ग पर राधा रानी मोड़ के पास सड़क हादसे में वृन्दावन की महिला अनामिका की मौत हो गई थी।
इनवेस्टीगेशन के लिए बेहद महत्वपूर्ण शुरूआती घंटों में शिथिल बनी रहती है पुलिस
जिसमें परिजनों ने दहेज हत्या का मुकदमा सास, ससुर ननंद और पति के खिलाफ दर्ज कराया था, अनामिका अलीगढ़ की रहने वाली थी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चिकित्सकों ने अनामिका की मौत दम घुटने से होना बताया था। इस केस की जांच सीओ माँट रवीकांत पारासर कर रहे हैं, उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। अनामिका के पिता फकीरचंद ने बताया कि पहले मेरी बेटी की हत्या की गई, उसके बाद उसका एक्सीडेंट कर दिया गया।
एसएसपी ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही भी की थी
बुलियन कारोबारी की परिवार सहित हत्या के मामले में उच्च स्तरीय जांच चल रही है। वहीं छात्र की हत्या के आरोप में पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। एसएसपी ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही भी की थी। हर महीने इस तरह की कई वारदातें सामने आ रही हैं। जिन्हें पुलिस प्रथम दृष्टया आत्महत्या बता देती है फिर मामला उलझता चला जाता है जिससे पुलिस की किरकिरी भी होती है। हालांकि इन मामलों में मृतक की पहचान तो हो जाती है और परिजन पैरवी करते हैं उन मामलों में हत्या के मुकदमे पंजीकृत हो रहे हैं और आरोपियों की धरपकड भी हो रही है।
मंगलवार को रेलवे ट्रेक पर मिले शवों को भी आत्महत्या बताया जा रहा है
मंगलवार को थाना यमुनापार क्षेत्र में रेलवे ट्रेक पर मिले युवक और किशोरी के शवों की पडताल में पुलिस ने मामले को प्रथम दृष्टया आत्महत्या का बता दिया। हालांकि ग्रामीण हत्या की आशंका भी जाहिर कर रहे हैं। इस सम्बन्ध में वरिष्ठ अधिवक्ता एल के गौतम का कहना है कि अपराध की घटनाओं के खुलासे के लिए इस तरह की प्रवृति अपराधियों के लिए मुफीद ही साबित होती है।
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