आगरा। देश की सरहदों पर बार-बार दुश्मनों की कायराना हरकतों और आतंकवादी हमलों से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को सेना के सम्मान में अधिवक्ता मैदान में अभियान के तहत राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
राजीव गांधी बार एसोसिएशन के बैनर तले अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने जिला जज संजय कुमार मलिक को उनके चैंबर में यह ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कही गई प्रमुख बातें
ज्ञापन में पाकिस्तान की लगातार आतंकी गतिविधियों अमरनाथ, अक्षरधाम, रघुनाथ मंदिर, पुलवामा और अब तीर्थयात्रियों पर हमले का विस्तार से ज़िक्र करते हुए इसे भारत की सहनशीलता की अंतिम सीमा बताई गई। अधिवक्ताओं ने सेना के ऑपरेशन सिंदूर और एयर स्ट्राइक की खुलकर प्रशंसा की और इसे देश की सुरक्षा का साहसी उत्तर बताया।
ज्ञापन में कहा गया है कि जैसे स्वतंत्रता आंदोलन में अधिवक्ताओं ने अग्रिम भूमिका निभाई, वैसे ही अब देश की रक्षा में भी हम पीछे नहीं रहेंगे। अगर सेना और देश हमें अनुमति दें, तो हम अधिवक्ता भी सरहद पर जाकर जान देने को तैयार हैं।
ये अधिवक्ता रहे मौजूद
ज्ञापन देने वालों में दुर्ग विजय सिंह भैया, राम दत्त दिवाकर चौधरी, अजय सिंह, हरजीत अरोड़ा, आर.एस. मौर्य, अशोक कोटिया, राकेश नौहवार, राजेंद्र गुप्ता, धीरज, पवन कुमार गौतम, दिनेश चंद्र शर्मा, राखी रामनिवास परमार, ओ.पी. वर्मा, सुमंत चतुर्वेदी, विजय कुमार गौतम, विजय कुमार शर्मा (पूर्व अध्यक्ष, आगरा बार), अमिताभ शर्मा, कोमल सिंह वर्मा आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।
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