ज्ञानेश कुमार और सुखबीर संधू देश के दो नए चुनाव आयुक्त होंगे। आज पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन दोनों नामों पर सहमति बन गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी इन नामों की जानकारी दी है। गौरतलब है कि चुनाव आयुक्त अरुण गोयल के इस्तीफे के बाद चुनाव आयुक्त का एक और पद खाली हो गया था जबकि एक स्थान पहले से ही खाली था।
अधीर रंजन को सरकार की प्रक्रिया पर आपत्ति
चुनाव आयुक्त चुनने वाली समिति की बैठक के बाद लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि उनके (सरकार) पास समिति में बहुमत है। पहले उन्होंने मुझे 212 नाम दिए थे, लेकिन नियुक्ति से 10 मिनट पहले उन्होंने मुझे सिर्फ छह नाम दिए। मुझे पता है कि मुख्य न्यायाधीश (CJI) वहां नहीं हैं, सरकार ने ऐसा कानून बना दिया है कि CJI दखल नहीं दे सकता और केंद्र सरकार अपनी पसंद का नाम चुन सकती है। मैं यह नहीं कह रहा कि यह मनमाना है, लेकिन जो प्रक्रिया अपनाई जा रही है उसमें कुछ खामियां हैं।
कौन हैं ज्ञानेश कुमार
ज्ञानेश कुमार रिटायर्ड IAS अधिकारी हैं। वो कुछ दिन पहले ही सहकारिता मंत्रालय के सचिव पद से रिटायर हुए हैं। इस मंत्रालय के गठन के वक्त से ही ज्ञानेश ने यहां काम किया था। इससे पहले वह गृह मंत्रालय में कश्मीर डिवीजन के संयुक्त सचिव थे। उस दौरान ही जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 खत्म किया गया था। ज्ञानेश 1988 बैच के केरल कैडर के अधिकारी रहे हैं।
सुखबीर सिंह संधू के बारे में जानिए
दूसरे चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू भी पूर्व IAS अधिकारी हैं। वह 1988 बैच के उत्तराखंड कैडर के अधिकारी हैं। संधू को 2021 में जब पुष्कर सिंह धामी सीएम बने थे तो राज्य का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था।
-एजेंसी
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