महाराष्ट्र सरकार ने एक सर्कुलर जारी किया है. इसके मुताबिक जिन लड़कियों ने दूसरे धर्म में विवाह किए हैं उनके परिवारों से संपर्क किया जाएगा.
राज्य सरकार के महिला और बाल विकास विभाग के मंत्री मगंल प्रभात लोढा ने इसे लेकर 13 सदस्यीय समिति का गठन किया है.
हालांकि इससे पहले एक सर्कुलर जारी कर अंतरजातीय विवाह को भी इसमें शामिल किया था लेकिन बाद में उसे केवल दूसरे धर्म में विवाह तक सीमित कर दिया गया.
राज्य सरकार के इस फ़ैसले के बाद जहां विपक्ष ने सरकार पर ‘नफ़रत की राजनीति’ करने का आरोप लगाते हुए निशाना साधा है, वहीं विश्लेषकों का कहना है कि सरकार की नज़र अगामी नगर निगम चुनाव पर है और वो ‘एक विचारधारा’ को फ़ैलाने की कोशिश कर रही है.
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