गुरुकृपा विद्यासनकुल (CBSE) ने अपने वार्षिक कार्यक्रम “Shyaam ki Mahima” का भव्य एवं भावपूर्ण आयोजन भक्तिमय और आनंदमय वातावरण में सफलतापूर्वक किया। भगवान श्रीकृष्ण की महिमा, लीलाओं और जीवन मूल्यों पर आधारित यह कार्यक्रम शिक्षा और संस्कृति के सुंदर समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बना।
इस प्रतिष्ठित अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्री गणपत वसावा (पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वर्तमान विधायक – मांगरोल) की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। उन्होंने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, अनुशासन और कलात्मक प्रतिभा की सराहना की तथा शिक्षा के साथ संस्कारों के महत्व पर बल दिया।
इस अवसर पर विद्यालय के माननीय चेयरमैन श्री मुकेशभाई पटेल की प्रेरणादायक उपस्थिति कार्यक्रम के लिए एक सशक्त आधार बनी। एक दूरदर्शी नेता और शिक्षा के प्रति समर्पित मार्गदर्शक के रूप में उन्होंने सदैव संस्था को शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ मूल्य–आधारित शिक्षा की दिशा में अग्रसर किया है।
कार्यक्रम की विशेष अतिथि (Guest of Honour) के रूप में प्रसिद्ध टीवी अभिनेत्री श्रीमती मल्लिका सिंह (राधा) को आमंत्रित किया गया, जिसे उन्होंने अत्यंत सौजन्य और गरिमा के साथ स्वीकार किया। उन्होंने CBSE के अभिभावकों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए “श्याम की महिमा” जैसे जीवंत कृष्ण नाट्य को साकार करने हेतु विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के अथक परिश्रम, समर्पण और टीमवर्क की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा दिए गए साक्षात्कारों में उन्होंने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कृष्ण लीलाओं के माध्यम से उन्होंने अनुशासन, आत्मविश्वास, भक्ति भावना और सहयोग की सीख प्राप्त की।
अभिभावकों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “श्याम की महिमा” केवल एक वार्षिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास का सशक्त मंच है, जहाँ संस्कार, रचनात्मकता और आत्मविश्वास का सुंदर संगम देखने को मिलता है।
विद्यालय की माननीय प्राचार्या श्रीमती एच. डुमासिया मैडम ने अपने संबोधन में कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति और भक्ति को कलात्मक अभिव्यक्ति के साथ प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है। उन्होंने शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
पूरा कार्यक्रम शिक्षण एवं गैर–शिक्षण स्टाफ के सतत प्रयास, सुव्यवस्थित योजना और उत्कृष्ट समन्वय का प्रतीक रहा। कृष्ण लीलाओं पर आधारित नृत्य, संगीत और नाट्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया और सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
यह भक्तिमय और प्रेरणादायक संध्या सभी के हृदय में अविस्मरणीय स्मृतियाँ छोड़ गई। “श्याम की महिमा” गुरुकृपा विद्यासनकुल के लिए संस्कार, समर्पण और शिक्षा की दृष्टि का उत्सव बनकर सदैव स्मरणीय रहेगा।
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