महराजगंज : नेपाल सरकार के नए फरमान के बाद नेपाल कस्टम ने भारतीय फल-सब्जियों पर वैट लेना शुरू कर दिया है। इसके कारण आलू-प्याज, हरी मटर, एस्ट्रावेरी, बोड़ा, सेब, कीवी, नारियल आदि का नेपाल होने वाला निर्यात प्रभावित हो गया है। सोनौली सीमा से भारतीय मालवाहक लौटने लगे हैं।
पिछले सोमवार को नेपाल में हुए बजट भाषण में नेपाल सरकार ने आयातित भारतीय फल और सब्जियों पर 13 प्रतिशत वैट की घोषणा की है। इससे वहां के व्यापारियों ने भारतीय उत्पाद लेना बंद कर दिया है। भारत से नेपाल एक्सपोर्ट होने वाला आलू-प्याज, हरी मटर, एस्ट्रावेरी, बोड़ा, सेब, कीवी, नारियल आदि पर पहले सिर्फ भंसार (कस्टम) शुल्क ही लगता था।
इस फैसले से भारत के सब्जी-फल कारोबारियों की मुश्किल बढ़ गई है। फल-सब्जी के थोक व्यापारी सन्नी गुप्ता, वकील खान, सोनू खान ने बताया कि सोनौली सीमा से प्रतिदिन करीब 60 गाड़ी फल-सब्जी नेपाल जाती थी। वैट लगने के बाद पिछले पांच दिन से नेपाल के व्यापारियों ने सामान लेना बंद कर दिया है। जो गाड़ियां रास्ते में थीं, उन्हें वापस भेजा जा रहा है। साथ ही लोडिंग रोक दी गई है।
भारत के अलग-अलग जगहों से जाता है फल-सब्जी: कर्नाटक, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र आदि दूसरे राज्यों के अलावा यूपी के कानपुर, बस्ती, वाराणसी, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज आदि जिलों से सब्जी व फल नेपाल भेजा जाता है। इसका निर्यात पर प्रभावित हुआ है।
विजय चौरसिया की रिपोर्ट
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