लखनऊ: देश की मशहूर मोटिवेशनल स्पीकर और कथावाचक जया किशोरी के साथ अभद्रता व जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। बतातें चलें कि बीते दिनों जया किशोरी यूपी की राजधानी लखनऊ में महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन के कार्यक्रम में महिलाओं को टिप्स देने के लिए आईं थीं। यहां पर उनके साथ ही एक बड़ी घटना घट गई। कार्यक्रम में एक युवक जया किशोरी का पीछा करते हुए स्टेज पर पहुंच गया और वहां पर उसने उनके साथा अभद्रता करने के साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी। कार्यक्रम के बाद जया के मुंह बोले भाई ने हजरतगंज थाने में युवक के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई है।
मिली जानकारी के अनुसार जया किशोरी मंगलवार को महिला हेल्प लाइन 1090 के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए लखनऊ के गन्ना संस्थान पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने महिलाओं को सशक्त व मजबूत बनाने के लिए कई तरह के टिप्स दिए। इसके अलावा उन्होंने छात्राओं और महिलाओं से बातचीत भी की। उन्होंने कार्यक्रम में बेटियों को बेटे के समान समझने और उन्हें सुरक्षित माहौल देने के लिए भी लोगों से अपील की। हालांकि जब वह यह सब बातें छात्राओं और वहां मौजूद अन्य लोगों से कह रही थीं, उसी दौरान उनके साथ ही बड़ी घटना घट गई।
हजरतगंज थाने में कोलकाता के रहने वाले दीपक ओझा ने जो एफआईआर दर्ज कराई है, उसमें बताया है कि जया किशोरी का गन्ना संस्थान में कार्यक्रम था। इस दौरान युवक दीपेश ठाकुरदास थवानी कार्यक्रम स्थल में जया किशोरी का पीछा करते हुए पहुंच गया। स्टेज पर चढ़ने का प्रयास करने लगा और जया को जान से मारने की धमकी देने लगा। शिकायतकर्ता दीपक ओझा ने बताया कि यह पहली बार नहीं था जब दीपेश जया किशोरी का पीछा करते हुए उनके पास पहुंचा था। इससे पहले भी हैदराबाद, जयपुर और जालंधर समेत कई स्थानों पर पहुंच कर जया को जान से मारने की धमकी दे चुका है। हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
कौन है जया किशोरी?
देश की मशहूर मोटिवेशनल स्पीकर और कथावाचक जया किशोरी के करोड़ों फैंस हैं, जो उनकी कथा और स्पीच के दीवाने हैं। जया गौर ब्राह्मण हैं और वह मूल रूप से राजस्थान की रहने वाली हैं, लेकिन बाद में उनका परिवार कोलकाता में शिफ्ट हो गया था। जया किशोरी का जन्म 13 जुलाई 1995 को कोलकाता में हुआ था। उन्होंने बैचलर ऑफ कॉमर्स किया है। जया किशोरी जब महज 7 साल की थी, तब उन्होंने कोलकाता में बसंत महोत्सव कार्यक्रम के दौरान आयोजित सत्संग में गाना गाया था। जब वह 10 साल की हुईं, तब उन्होंने अकेले ‘सुंदर कांड’ का पाठ किया था। वैसे तो जया किशोरी का असली नाम जया शर्मा है, लेकिन उनकी श्री कृष्ण के प्रति भक्ति को देख कर उनके गुरु पंडित गोविंद राम मिश्र ने उन्हे किशोरी जी की उपाधि दी थी। जिसके बाद वो जया किशोरी के नाम से प्रसिद्ध हो गईं।
-एजेंसी
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