Agra, Uttar Pradesh, India. कोरोनावायरस के कारण दुनियाभर में हाहाकार है। कोरोनावायरस से संक्रमित होने के बाद ठीक हो गए लोगों में कई बीमारियां पनप रही हैं। यह भी खुलासा हुआ है कि कोरोनावायरस फेंफड़ों और किडनी को ही प्रभावित नहीं करता बल्कि आपके प्राइवेट पार्ट को भी नुकसान पहुंचा रहा है। इस हद तक कि नपुंसक भी बना सकता है।
मरीजों के फोन आए तो माथा ठनका
एसएन मेडिकल कॉलेज में मनोरोग विभागाध्यक्ष डॉ. एके गुप्ता ने बताया कि टेलीमेडिसन के दौरान कुछ मरीजों ने इरेक्टाइल डिसफंक्शन की शिकायत की। उनसे जानकारी की गई तो पता चला कि कोरोनो संक्रमित थे। इसी तरह की समस्या को लेकर अब तक नौ मरीजों के फोन आ चुके हैं। इसके बाद मेरा माथा ठनका। खोजबीन की तो पता चला कि यह विश्वव्यापी समस्या है। कोरोना संक्रमित तमाम लोग नपुंसकता की ओर बढ़ रहे हैं। वे अपने साथी के साथ संबंध नहीं बना पा रहे हैं।
प्रकाशित हुआ है शोध
उन्होंने बताया कि इस बारे में ‘वर्ल्ड जर्नल ऑफ मेन्स हेल्थ’ में एक शोध प्रकाशित हुआ है। वैज्ञानिकों ने पाया है कि कोरोना वायरस शरीर में रक्त वाहिकाओं को हानि पहुंचा सकता है। इसके चलते शरीर के कई अंग प्रभावित हो सकते हैं। इसमें पुरुषों का प्राइवेट पार्ट भी शामिल है। अध्ययन में पाया गया कि जिन पुरुषों को कभी भी इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या नहीं थी, वे कोरोना संक्रमित होने के बाद इस समस्या से ग्रसित हो गए।
अपने डॉक्टर से करें संपर्कः डॉ. एके गुप्ता
डॉ. गुप्ता का कहना है कि अगर किसी को इस तरह की समस्या आ रही है तो तत्काल अपने चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। हो सकता है यह मानसिक बीमारी से संबंधित हो। एसएन मेडिकल कॉलेज में सभी चिकित्सक मरीजों की सेवा में रत हैं। हर विभाग के नम्बर सार्वजनिक किए गए हैं। कोई भी व्यक्ति टेलीफोन पर संपर्क करके अपनी समस्या का समाधान कर सकता है। अगर झिझक में डॉक्टर को अपनी पूरी बीमारी नहीं बताएंगे तो इलाज भी अधूरा रहेगा। इसलिए खुल बताएं ताकि चिकित्सक ठीक से दवा का चयन कर सके।
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