सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार की फैक्ट चेकिंग यूनिट की अधिसूचना पर फ़िलहाल रोक लगा दी है. बॉम्बे हाई कोर्ट ने भारत सरकार की फैक्ट चेकिंग यूनिट को रोकने के लिए कुणाल कामरा और एडिटर्स गिल्ड की याचिका पर अंतिम फ़ैसला नहीं दिया था. इसके बाद इन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था.
इस बीच 20 मार्च को केंद्र सरकार ने पीआईबी की फैक्ट चेकिंग यूनिट के लिए अधिसूचना जारी कर दी थी. यह मामला अब भी बॉम्बे हाई कोर्ट में लंबित है क्योंकि दो जजों की बेंच की सुनवाई में फ़ैसला सर्वसम्मति से नहीं आया था. अब इस मामले की सुनवाई तीसरे जज कर रहे हैं.
गुरुवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि फैक्ट चेकिंग यूनिट पर केंद्र सरकार का नोटिफिकेशन बॉम्बे हाई कोर्ट के अंतरिम फ़ैसले के बीच आया है. ऐसे में इस पर अभी रोक लगनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 2023 के संशोधन की वैधता की चुनौती को लेकर कई गंभीर संवैधानिक सवाल हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मौलिक अधिकार है और इस पर नियम 3(1)(b)(5) के असर का विश्लेषण हाई कोर्ट में ज़रूरी है. जब तक बॉम्बे हाई कोर्ट में इस पर सुनवाई पूरी नहीं हो जाती है तब तक सरकार की अधिसूचना स्थगित रहेगी.
-एजेंसी
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