अजमेर दरगाह के दीवान ज़ैनुल आबेदीन अली ख़ान ने पीएफ़आई पर लगे बैन को सही ठहराया है.
उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने पीएफ़आई पर पाबंदी क़ानून के अनुसार और आतंक को रोकने के लिए लगाई है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार ज़ैनुल आबेदीन ने कहा कि समाज के सभी वर्गों को इस फ़ैसले का स्वागत करना चाहिए
उन्होंने कहा, “देश सुरक्षित है तभी हम सुरक्षित हैं. देश किसी भी संस्था या विचार से बड़ा है. अगर कोई इस देश को तोड़ने, यहां की एकता और संप्रभुता को तोड़ने की बात करता है, देश की शांति बिगाड़ने की बात करता है, तो उसे यहां रहने का कोई अधिकार नहीं है.”
उन्होंने कहा कि ‘पीएफ़आई की राष्ट्र विरोधी गतिविधियों’ की खबरें मिली हैं और इस पर लगाया गया प्रतिबंध देश हित में है. उन्होंने बताया कि दो साल पहले भी मैंने मांग की थी कि सरकार को पीएफ़आई पर प्रतिबंध लगाना चाहिए.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को एक अधिसूचना जारी कर पीएफ़आई पर 5 साल के लिए पाबंदी लगा दिया था. पिछले कुछ दिनों से राष्ट्रीय जाँच एजेंसी समेत कई एजेंसियां पीएफ़आई के दफ्तरों पर देशभर में छापे मार रहीं थीं.
-एजेंसी
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