धार भोजशाला मामले में हाईकोर्ट की इंदौर पीठ में सुनवाई हुई है। कोर्ट ने एएसआई की याचिका को स्वीकार कर ली है। एएसआई ने सर्वे के लिए आठ सप्ताह का और वक्त मांगा था। इंदौर हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान इसे स्वीकार एएसआई को सर्वे के लिए आठ सप्ताह का और वक्त दे दिया है। साथ ही मुस्लिम पक्ष को कोर्ट से झटका लगा है। मुस्लिम पक्ष ने सर्वे रोकने के लिए कोर्ट में याचिका लगाई थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया है।
वहीं, कोर्ट में याचिका स्वीकार होने के बाद अगले आठ सप्ताह तक भोजशाला में एएसआई की टीम और सर्वे करेगी। अभी एएसआई की टीम वहां लगातार सर्वे कर रही है। सर्वे के दौरान दोनों पक्ष के लोग मौजूद रहते हैं। साथ ही एएसआई टीम को सर्वे में कई अहम सबूत मिले हैं। इन्हीं सबूतों के आधार पर यह तय होगा कि भोजशाला मंदिर है या मस्जिद। सर्वे पूरा होने के बाद एएसआई की टीम चार जुलाई को फाइनल रिपोर्ट कोर्ट में सौंपेगी।
दरअसल, भोजशाला में एएसआई के सर्वे में वक्त लग रहा है। टीम जो वहां संरक्षित स्मारक है, उसको बचाते हुए खुदाई कर रही है। मशीनों से किसी प्रकार की कोई क्षति नहीं हो इसलिए वक्त लग रहा है। एसआई की टीम इसी वजह से कोर्ट से अधिक समय की मांग की थी। कोर्ट ने पक्ष सुनने के बाद एएसआई की मांग मान ली है।
गौरतलब है कि 11 मार्च को कोर्ट ने ज्ञानव्यापी की तरह 50 मीटर के दायरे में एएसआई को सर्वे के निर्देश दिए थे। कोर्ट से निर्देश मिलने के बाद एएसआई की टीम सर्वे में जुट गई थी। इसके बाद से कड़ी सुरक्षा के बीच भोजशाला में सर्वे जारी है।
-एजेंसी
- आगरा में सरकारी हरियाली अभियान पर ‘मेला’ पड़ा भारी: मुख्यमंत्री के आगमन पर सहेजे गए पौधों को डिवाइडर पर दुकानें लगाकर किया जा रहा नष्ट - July 12, 2026
- आलौकिक होगा आगरा का जनकपुरी महोत्सव: विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने की विधिवत घोषणा, भावना स्टेट में शुरू हुआ उत्साह का माहौल - July 12, 2026
- कैट आगरा की नई कार्यकारिणी का भव्य शपथ ग्रहण: अध्यक्ष रोहित कत्याल के नेतृत्व में व्यापारी जगत ‘विकसित भारत’ के संकल्प को देगा गति - July 12, 2026