प्रयागराज। प्रयागराज माघ मेला 2026 में मौनी अमावस्या के दिन ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुई घटना को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इसी बीच उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि “पूज्य शंकराचार्य के चरणों में प्रणाम है, वो बढ़िया स्नान करें, उनसे प्रार्थना है।”
डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर शंकराचार्य के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की जा रही हैं, जो उचित नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि ऐसे मामलों में संयम और सम्मान बनाए रखना जरूरी है।
मौनी अमावस्या पर क्या हुआ था
बताया जा रहा है कि मौनी अमावस्या, जो माघ मेले का प्रमुख स्नान पर्व माना जाता है, उस दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपने शिष्यों के साथ संगम स्नान के लिए जा रहे थे। आरोप है कि वे पालकी पर सवार थे, लेकिन भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था के चलते पुलिस-प्रशासन ने उन्हें रोक दिया।
इसी दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई और कुछ शिष्यों व संतों के साथ मारपीट की घटनाएं भी सामने आने की बात कही जा रही है। इसके बाद शंकराचार्य ने नाराजगी जताते हुए धरना दिया और अक्षय जल त्याग की घोषणा की।
मेला प्राधिकरण ने भेजा नोटिस
इस घटनाक्रम के बाद मेला प्राधिकरण की ओर से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में उनसे अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। इसमें उनके द्वारा “शंकराचार्य” पदवी के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
हालांकि, समर्थकों का कहना है कि पूर्व में भी कुंभ और माघ मेले में उन्हें इसी रूप में मान्यता मिलती रही है।
फिलहाल, मामले को लेकर राजनीतिक और धार्मिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं, वहीं प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कही जा रही है।
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