नई दिल्ली। देश की राजनीति में एक तस्वीर ने हलचल मचा दी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी नेता राहुल गांधी सूट-बूट और पारंपरिक सफेद कुर्ते की जगह माथे पर गमछा बांधे और हाथों में फावड़ा लिए नजर आए। कांग्रेस इसे केवल प्रतीकात्मक प्रदर्शन नहीं, बल्कि केंद्र सरकार के एक नए फैसले के खिलाफ खुला विरोध बता रही है।
कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार के नए ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम’ के जरिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) के अस्तित्व को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। पार्टी का दावा है कि नाम और स्वरूप बदलकर सरकार मनरेगा को धीरे-धीरे खत्म करने की दिशा में बढ़ रही है।
राहुल गांधी बोले- मनरेगा ग्रामीण भारत की “ऑक्सीजन”
राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मनरेगा ग्रामीण भारत की ऑक्सीजन है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस योजना की “जीवनरेखा” काटी गई तो गांव का गरीब पूरी तरह टूट जाएगा।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ नाम बदलने का मामला नहीं है, बल्कि देश की जन-स्मृति से महात्मा गांधी का नाम हटाने और ग्राम स्वराज की मूल सोच को कमजोर करने की कोशिश है।
खरगे का हमला- गरीबों को फिर ‘बंधुआ मजदूर’ बनाने की साजिश
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि मनरेगा को निशाना बनाकर देश के दबे-कुचले लोगों को फिर से बंधुआ मजदूर बनाने की साजिश रची जा रही है।
खरगे ने कहा कि यदि गरीब के पास 100 दिन के काम की कानूनी गारंटी नहीं रहेगी, तो वह मजबूरी में कम मजदूरी पर काम करने को विवश होगा और पूंजीपतियों के दबाव में आ जाएगा।
उन्होंने साफ कहा कि सरकार लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के बजाय उन्हें पूंजीपतियों का गुलाम बनाना चाहती है और कांग्रेस इस “हिमाकत” को कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।
बजट सत्र में घेराव की तैयारी
कांग्रेस ने ऐलान किया है कि 28 जनवरी से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र में वह इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति अपनाएगी। पार्टी का कहना है कि विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम को लेकर संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह विरोध तेज किया जाएगा।
राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा की रक्षा के लिए कांग्रेस किसी भी हद तक जाने को तैयार है। अब देखना होगा कि बजट सत्र के दौरान सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है और विपक्ष के हमलों का जवाब कैसे देती है।
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