वाराणसी। महाकुंभ में संतों ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को हिंदू धर्म से बाहर करने की मांग की है। प्रयागराज में परमधर्म संसद में रविवार को राहुल के खिलाफ संतों-महंतों ने निंदा प्रस्ताव पास किया। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि ‘एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें राहुल गांधी को यह कहते हुए दिखाया गया है कि मनुस्मृति बलात्कारियों को संरक्षण देती है। इससे मनुस्मृति को पवित्र ग्रन्थ मानने वाले करोड़ों हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुंची है। राहुल के इस बयान के बाद संत-महंत ने उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया। हिंदू धर्म से बहिष्कार करने की मांग की है।’
राहुल से पूछा- आपको क्यों न हिंदू धर्म से बहिष्कार किया जाए शंकराचार्य ने कहा, आज परमधर्म-संसद में राहुल गांधी के बयान पर चर्चा की गई। मनुस्मृति को लेकर राहुल के बयान पर विकास पाटनी ने निंदा प्रस्ताव रखा। जिस पर सभी संत महंत और विद्वानों ने सहमति दी। सभी ने राहुल से माफी की मांग की। उनसे पूछा गया कि मनुस्मृति की निंदा करने के कारण आपको हिंदू धर्म से क्यों न बहिष्कार किया जाए?
गंगा की शुद्धता की जारी की जाए रिपोर्ट-शंकराचार्य ने कहा, आज गंगा-यमुना के जल में प्रदूषण की बातें कही जा रही हैं। सोशल मीडिया पर गंदे नाले का नदियों में मिलने का वीडियो सामने आ चुका है। इसलिए मेरी मेला अधिकारी से अपील है कि वह कुछ घाट चिह्नित कर दें। वहां से रोज जल की सैंपलिंग करके उसकी रिपोर्ट जारी कर दें। जिससे जो यह दाग लग रहा है कि यहां पर प्रदूषित जल में स्नान करने के लिए जनता को बाध्य किया जा रहा है। वह खत्म हो जाए, लेकिन इस विषय में मेला प्रशासन ने कुछ नहीं किया।
महाकुंभ की तैयारियों के लिए 5 साल, फिर दुर्घटना क्यों ?
शंकराचार्य ने कहा- महाकुंभ का दायरा बढ़ा दिया गया है। इतनी लंबी दूरी ठीक नहीं है। भीड़ को देखते हुए हर सेक्टर का घाट तय कर देना चाहिए। ताकि उस सेक्टर के लोग इस घाट पर स्नान करना शुरू कर दें। लेकिन प्रशासन ने यह नहीं किया। हमने आग्रह किया था कि श्रद्धालुओं को काफी ज्यादा चलना पड़ रहा है। पुल बंद रहते हैं, ऐसे में जो बड़े-बड़े मार्ग रहते हैं, उनके ऊपर आप खुली बसें चला दीजिए। लोग उसमें बैठते रहेंगे, जहां जरूरत होगी, वहां उतर जाएंगे।
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