Mathura (Uttar Pradesh, India)। मथुरा। युवती को एक्सप्रेस-वे पर रोडवेज बस से उतारने की घटना के सम्बन्ध में स्थानीय पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पायी है। वहीं इस मामले को लेकर दिल्ली महिला आयोग ने संज्ञान लेते हुए एसएसपी मथुरा के नाम एक नोटिस जारी किया है। मथुरा पुलिस से इस मामले में 15 जुलाई तक कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। इधर, मथुरा पुलिस ने इस पूरे मामले में महिला के साथ किसी भी प्रकार की मारपीट का दावा नहीं किया है। बल्कि बताया जाता है कि पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू की है।
कोरोना के शक में युवती को यमुना एक्सप्रेसवे सड़क पर उतार दिया, उसकी मौत हो गई
दिल्ली से यूपी के शिकोहाबाद रोडवेज बस से आ रही युवती की यमुना एक्सप्रेसवे पर अचानक तबीयत बिगड़ गई। युवती को दर्द से तड़पते देख बस में मौजूद लोगों ने कोरोना के शक में शोर मचाना शुरू कर दिया। इसके बाद बस चालक ने युवती और उसकी मां को बीच रास्ते में ही सड़क पर उतार दिया और बस लेकर भाग गया। मां के सामने उसकी बेटी असहनीय दर्द से चिल्लाती रही। जब तक कोई उसके पास पहुंच पाता, उसे इलाज मिल पाता तब उसकी जान चली गई। फिरोजाबाद की तहसील शिकोहाबाद के गांव नगला हीरा सिंह निवासी सुशील यादव का परिवार दिल्ली के पटपड़गंज में रहता है। सुशील यादव निजी कंपनी में सुरक्षा गार्ड हैं, जबकि उनका बेटा विपिन वहां टैक्सी चालक है। 15 जून सोमवार की शाम को सुशील की पत्नी सर्वेश कुमारी व पुत्री हंसिका (19) रोडवेज बस से शिकोहाबाद आ रहे थे, जबकि विपिन व उसकी पत्नी दीप्ति बाइक से आ रहे थे।
हंसिका को पथरी की दिक्कत के चलते उसकी मौत हो गई
घटना की सूचना पाकर थाना प्रभारी निरीक्षक भीम सिंह जावला व प्रभारी टोल चौकी प्रभारी प्रवीण पांडेय भी मौके पर पहुंच गए थे और शव को पोस्टमार्टम को भेज दिया गया था। वहीं, सीओ रविकांत पाराशर ने भी टोल चौकी पहुंच कर पूरे मामले की जानकारी ली। मृतका के भाई विपिन ने बताया कि हंसिका को पथरी की दिक्कत थी, लेकिन पता नहीं बस में उसे क्या दिक्कत हुई जो उसकी मौत हो गई।
सीसीटीवी कैमरों की मदद से उस बस की पहचान हो सकी है
स्थानीय पुलिस को सिर्फ बस का नम्बर ही मिल पाया, पुलिस को आज तक न तो डिपो की जानकारी हो सकी न ही संबन्धित रोडवेज चालक व परिचालक के खिलाफ एफआईआर ही दर्ज कर सकी है। यमुना एक्सप्रेस-वे पर 15 जून सोमवार को घटी घटना में बीमार युवती हंसिका को कोरोना के शक में रोडवेज बस से मांट टोल पर जबरन उतार दिया गया था। थोडी देर बाद उसकी मौत हो गयी थी। पुलिस ने मांट टोल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से उस बस की पहचान नम्बर यूपी 78 डीएन 5864 के रूप में की है। थानाध्यक्ष मांट भीम सिंह जावला के अनुसार अभी सिर्फ नम्बर की पहचान हो सकी है।
बताया जाता है कि युवती हंसिका की तबीयत खराब होने के कारण उसे कमजोरी लग रही थी। इस वजह से वह ठीक से चल नहीं पा रही थी। इस पर बस ड्राइवर और कंडक्टर ने उसे कोरोना होने के शक में चलती बस से नीचे उतार दिया था। कुछ समय वाद ही उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। कथित तौर पर इस घटना में पीड़ित लड़की पथरी की बीमारी से जूझ रही थी और उसका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उसका कोरोना टेस्ट भी हुआ था, लेकिन उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई थी।
मां ने की थी बचाने की भरपूर कोशिश
आरोप है कि इस हादसे के दौरान लड़की की मां ने उसे ऊपर खींच कर बचाने की पुरजोर कोशिश की थी। हालांकि, वह उसे बचा पाने में कामयाब नहीं हो पाई। चलती बस से सड़क पर नीचे गिरते ही उसके सिर में गहरी चोट लगी, जिससे उसकी मौत मौके पर ही हो गई। इस दौरान किसी यात्री ने उसकी मदद नहीं की।
दिल्ली महिला आयोग ने पुलिस से 15 जुलाई तक जानकारी देने के लिए कहा
इस घटना का संज्ञान लेते हुए दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने मथुरा के एसएसपी को भेजे गए नोटिस में कहा है कि दिल्ली महिला आयोग को मीडिया रिपोर्टों से दिल्ली के मंडावली की निवासी 19 साल की लड़की की मौत के बारे में पता चला है। पता चला है कि लड़की यूपी के मथुरा में बस से सफर कर रही थी। जानकारी में आया है कि लड़की को रोडवेज की चलती हुई बस से बाहर फेंक दिया गया था। उसे बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने इसलिए बस से बाहर फेंका क्योंकि उन्हें संदेह था कि वह कोरोना संक्रमित है। जानकारी हुई है कि लड़की के साथ उसके परिवार के लोग भी सफर कर रहे थे। लड़की को कथित रूप से मथुरा टोल प्लाजा के पास चलती हुई बस से बाहर फेंक दिया गया था जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। दिल्ली महिला आयोग ने पुलिस से यह जानकारी 15 जुलाई तक देने के लिए कहा है।
पुलिस ने महिला के साथ किसी भी प्रकार की मारपीट का दावा नहीं किया है
इधर मथुरा पुलिस से इस मामले में जल्द-से-जल्द कार्रवाई करने के लिए कहा है। मथुरा पुलिस ने इस पूरे मामले में महिला के साथ किसी भी प्रकार की मारपीट का दावा नहीं किया है। हालांकि, पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू की है। इस मामले में पुलिस ने लड़की को बस से फेंकने की बात से इंकार किया है। पुलिस ने बताया है कि उसे एक सामान्य यात्री की तरह बस से उतार दिया गया था। घटना की असलियत जांच के बाद ही सामने आएगी। युवती को एक्सप्रेस-वे पर रोडवेज बस से उतारने की घटना के सम्बन्ध में स्थानीय पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पायी है। वहीं इस मामले को लेकर दिल्ली महिला आयोग ने संज्ञान लेते हुए एसएसपी मथुरा के नाम एक नोटिस जारी किया है। मथुरा पुलिस से इस मामले में 15 जुलाई तक कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
इधर मथुरा पुलिस से इस मामले में जल्द-से-जल्द कार्रवाई करने के लिए कहा है। मथुरा पुलिस ने इस पूरे मामले में महिला के साथ किसी भी प्रकार की मारपीट का दावा नहीं किया है। हालांकि, पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू की है। इस मामले में पुलिस ने लड़की को बस से फेंकने की बात से इंकार किया है। पुलिस ने बताया है कि उसे एक सामान्य यात्री की तरह बस से उतार दिया गया था। घटना की असलियत जांच के बाद ही सामने आएगी।
- Δημιουργία Προφίλ στο Sava Spins Casino Βήμα προς Βήμα στην Ελληνική Επικράτεια - September 27, 2026
- Lucky Dreams Casino : Apprenez à connaître les fonctionnalités et les top jeux au Canada - September 26, 2026
- Habits Before Spinning Fishin Frenzy Slot Famous in UK - September 25, 2026