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स्विट्जरलैंड का खूबसूरत शहर दावोस विश्व आर्थिक मंच WEF की सालाना बैठक में आने वाले करीब 5,000 मेहमानों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। कोविड-19 महामारी की वजह से दो साल के अंतराल के बाद हो रहे इस सम्मेलन के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
अमूमन यह सम्मेलन जनवरी में होता रहा है लेकिन इस साल जनवरी में कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमीक्रोन का संक्रमण बढ़ने के बाद इसे स्थगित कर दिया गया था। लिहाजा अब यह सम्मेलन ठंड के बर्फीले मौसम के बजाय खिली धूप के बीच होने जा रहा है। यहां आने वाले प्रतिनिधियों के लिए यह एक अलग तरह का अनुभव होगा।
दुनियाभर से आने वाले मेहमानों एवं कारोबारी प्रतिनिधियों की सुरक्षा के लिए स्थानीय पुलिस के साथ स्विस सेना के करीब 5,000 जवान भी तैनात किए गए हैं। स्विस सरकार ने कहा, ‘‘डब्ल्यूईएफ की सालाना बैठक के लिए 30 मई तक 5,000 सैन्यकर्मी तैनात रहेंगे।’’
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को देखते हुए स्विस सरकार सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरतना चाहती है। आसमान में सुरक्षा की बागडोर वायुसेना को सौंपी गई है, जो नियमित गश्ती उड़ानों के अलावा विशेष सुरक्षा वाले मेहमानों के परिवहन का भी जिम्मा उठाएगी। लड़ाकू विमान यहां पर लगातार उड़ानें भरते हुए दिखाई देंगे।
इस बार रूस से किसी भी नेता या प्रतिनिधि को दावोस बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया है। वहीं रूस के हमले के शिकार यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की इस सम्मेलन को संबोधित करने के लिए मौजूद रहेंगे।
भारत की तरफ से वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल प्रतिनिधिमंडल की अगुआई करेंगे। यहां के परंपरागत इंडिया लाउंज के अलावा तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु की राज्य सरकारों ने भी यहां पर अपने अलग पवेलियन स्थापित किए हुए हैं। कंपनी जगत से एचसीएल और विप्रो जैसी अग्रणी कंपनियां अपनी मौजूदगी दर्ज कराएंगी।
-एजेंसियां
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