आगरा में भाकपा का शताब्दी समारोह, जनगीतों और वैचारिक जोश के साथ गूंजा ‘लाल सलाम’

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आगरा। स्वतंत्रता आंदोलन, सामाजिक न्याय और श्रमिक अधिकारों की लड़ाई में ऐतिहासिक भूमिका निभाने वाली भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) का शताब्दी समारोह रविवार को पचकुइयां स्थित माथुर वैश्य सभा भवन में वैचारिक उत्साह और सांस्कृतिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ। जनगीतों, स्मृति नमन, सम्मान समारोह और क्रांतिकारी विचारों से सजा यह आयोजन लाल विचारधारा की निरंतरता और संघर्षशील परंपरा का सशक्त संदेश बनकर उभरा।

समारोह की शुरुआत दिलीप रघुवंशी के निर्देशन में भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) द्वारा प्रस्तुत जनगीतों से हुई। नाट्य पितामह राजेंद्र रघुवंशी द्वारा रचित “लाल किरण धरती पर उतरी अब वो पूर्ण प्रकाश है” और “लेनिन तुम्हें सलाम” जैसे गीतों ने पूरे सभागार को ऊर्जा और जोश से भर दिया।

परमानंद शर्मा के संगीत निर्देशन में मुक्ति किंकर और असलम खान की प्रस्तुति सराही गई, वहीं भगवान स्वरूप योगेन्द्र ने अलीगढ़ के खेम सिंह नागर का गीत प्रस्तुत किया। ढोलक पर राजू की संगत ने कार्यक्रम को प्रभावशाली लय प्रदान की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कामरेड हरिविलास दीक्षित ने कहा कि भाकपा के शताब्दी वर्ष में आगरा संगठन के 15 साथियों ने समर्पण, सक्रियता और वैचारिक प्रतिबद्धता के साथ पार्टी को मजबूत किया है। इस अवसर पर संस्थापक एवं दिवंगत साथियों—कामरेड महादेव नारायण टंडन, कामरेड अब्दुल हफीज, कामरेड राजेंद्र रघुवंशी, डॉ. रामगोपाल सिंह चौहान, डॉ. महेश चंद शर्मा, कामरेड रमेश मिश्रा, कामरेड अरुणा रघुवंशी, कामरेड रामस्वरूप दीक्षित, कामरेड नेमी चंद, कामरेड अब्दुल रज्जाक, कामरेड बेनी प्रसाद रावत, कामरेड डॉ. जितेंद्र रघुवंशी, कामरेड तेज सिंह वर्मा, कामरेड अर्जुन सिंह और कामरेड चरण सिंह कुशवाह—की स्मृतियों को नमन करते हुए ‘लाल सलाम’ अर्पित किया गया।

समारोह में डॉ. जवाहर सिंह ढाकरे, श्रमिक नेता कामरेड जगदीश प्रसाद, श्रीमती सरला जैन सहित एक दर्जन वरिष्ठ नेताओं को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।

मुख्य वक्ता के रूप में झारखंड से आए एटक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विद्यासागर गिरी ने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी और हमेशा मानवता, समानता और न्याय के मूल्यों के लिए संघर्ष किया। भाकपा उत्तर प्रदेश के राज्य सचिव अरविंद राज स्वरूप ने मनरेगा कानून में बदलाव को लेकर सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया और बैंकों के राष्ट्रीयकरण व सार्वजनिक क्षेत्र की भूमिका को रेखांकित करते हुए बढ़ती बेरोजगारी पर गंभीर चिंता जताई। डॉ. जे.एन. टंडन ने अपने क्रांतिकारी संबोधन में आगरा के दिवंगत कम्युनिस्ट नेताओं को याद करते हुए वर्तमान राजनीति पर तीखे सवाल उठाए।

इस अवसर पर ओम प्रकाश प्रधान, सरला जैन, एन.एस. श्रीवास्तव, जगदीश प्रसाद, रमेश कटारा, दिलीप रघुवंशी, राजवीर सिंह चौहान, जे.एस. ढाकरे, कमला ढाकरे सहित अन्य अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम का संचालन पार्टी सचिव पूरन सिंह ने किया, जबकि अंत में कामरेड नीरज मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

समारोह में एस.के. खोसला, ताराचंद, मोहन सिंह, धर्मजीत, एम.पी. दीक्षित, शारदा वर्मा, प्रियंका मिश्र, रत्ना देवी, भानु प्रताप सिंह, भीकम सिंह, पूर्ण सिंह यादव सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।

Dr. Bhanu Pratap Singh