आगरा: केंद्रीय बजट 2026-27 के पेश होने के बाद ताजनगरी में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता शाहिद अहमद ने बजट की समीक्षा करते हुए इसे पूरी तरह दिशाहीन करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने उन बुनियादी समस्याओं को नजरअंदाज कर दिया है जो वर्तमान में देश की अर्थव्यवस्था को खोखला कर रही हैं।
बेरोजगारी और विनिर्माण क्षेत्र पर चिंता
शाहिद अहमद ने कहा कि आज देश का युवा सड़कों पर है, लेकिन बजट में रोजगार सृजन के लिए कोई ठोस योजना नहीं है। उन्होंने विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्र में लगातार हो रही गिरावट पर चिंता जताते हुए कहा कि निवेशक अब अपनी पूंजी निकालने को मजबूर हैं, जो आने वाले आर्थिक संकट का बड़ा संकेत है।
घरेलू बचत में कमी और किसानों की बदहाली
कांग्रेस नेता ने बजट के उस पहलू पर भी निशाना साधा जो आम परिवारों से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि घरेलू बचत में ऐतिहासिक कमी आई है, जिसका मतलब है कि महंगाई के कारण आम आदमी के पास अब बचत के लिए पैसे नहीं बच रहे हैं। वहीं, किसानों के लिए बजट में किसी बड़े राहत पैकेज का अभाव उनकी स्थिति को और बदतर बना रहा है।
वैश्विक झटकों के लिए कोई तैयारी नहीं
शाहिद अहमद के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर आर्थिक अस्थिरता के संकेत स्पष्ट हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इन संभावित झटकों से निपटने के लिए कोई ‘बैकअप प्लान’ तैयार नहीं किया है। उन्होंने नीतिगत दिशा बदलने की मांग करते हुए कहा कि जब तक सरकार वास्तविक समस्याओं पर फोकस नहीं करेगी, तब तक केवल आंकड़ों की बाजीगरी से देश का भला नहीं होगा।
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