मेरठ का ललिता गौतम हत्याकांड: पीड़ित परिवार से मिले सीएम योगी, बोले- ‘दोषी कोई भी हो, बचेगा नहीं’

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गाजियाबाद। मेरठ में बीए की छात्रा ललिता गौतम की नृशंस हत्या के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। शनिवार सुबह गाजियाबाद स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में मुख्यमंत्री ने ललिता के परिजनों के साथ करीब 25 मिनट तक बातचीत की। सीएम ने इस जघन्य अपराध को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं और पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी सहायता का आश्वासन दिया है।

परिवार के लिए सरकारी राहत का पिटारा

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ललिता गौतम के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और उनकी मदद के लिए कई बड़े निर्णय लिए। सीएम ने मृतका के पिता और चाचा को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मकान आवंटित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि देने की घोषणा की है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस दुख की घड़ी में पूरी तरह परिवार के साथ खड़ी है।

​क्या है पूरा मामला?

मेरठ के टीपी नगर क्षेत्र की निवासी 20 वर्षीय ललिता गौतम 15 मई को परीक्षा देने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वह वापस नहीं लौटी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें ललिता गांव कल्याणपुर निवासी अंकुश के साथ देखी गई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी अंकुश को गिरफ्तार कर लिया, जिसने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। वर्तमान में आरोपी जेल में है और पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है।

सीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

गेस्ट हाउस में हुई इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मेरठ मंडल के कमिश्नर और डीआईजी कलानिधि नैथानी से मामले की अब तक की विवेचना की रिपोर्ट ली। सीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस मामले में किसी भी स्तर पर बरती गई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित की जाएगी।

परिवार के साथ मौजूद मेरठ के प्रभारी मंत्री असीम अरुण और एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज ने बताया कि सरकार पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रही है।

​मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार से सीधे संवाद कर पुलिस कार्रवाई पर उनका फीडबैक भी लिया, ताकि न्याय मिलने में कोई कोर-कसर न रहे।

Dr. Bhanu Pratap Singh