लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गर्मी शुरू होते ही प्रदेश में एक बार फिर लोकल फॉल्ट के नाम पर बिजली कटौती शुरू हो गई है, जिसकी वजह से लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में ये दिक्कत और बढ़ सकती है, क्योंकि इस साल गर्मियों में बिजली की डिमांड 31,000 MW के पार जाने की उम्मीद है। ऐसे में बिजली का डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम मांग के मुताबिक मजबूत न होने की वजह से गर्मी बढ़ने पर बिजली कटौती की समस्या और अधिक बढ़ सकती है।
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में इस साल बिजली की मांग 31,000 MW के पार जा सकती है। प्राधिकरण ने अनुमान लगाया है कि यूपी में सितंबर 2024 में 31,917 MW की मांग हो सकती है। इसी तरह अप्रैल में 25,379 MW, मई में 28,291 MW, जून में 29,853 MW, जुलाई में 30,581 MW, अगस्त में 31,585 MW की बिजली की मांग पहुंचने का अनुमान है।
पावर कॉरपोरेशन ने किया करार
गर्मी में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए पावर कॉरपोरेशन ने अधिक से अधिक बिजली की उपलब्धता बनाए रखने के लिए कई नए पावर प्लांट शुरू करेगा। वहीं, दूसरी ओर नए विकल्पों पर भी ध्यान दिया है। कॉरपोरेशन ने करीब 1000 MW सोलर बिजली के लिए सस्ती दरों पर करार किया है। इसके अलावा बैंकिंग के जरिए भी बिजली ली जाएगी। साथ ही पावर कॉरपोरेशन को उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में 660 MW के दो पावर प्लांटों से बिजली का उत्पादन भी शुरू कर दिया जाएगा।
-एजेंसी
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