ashish jain agra

जर्मन फुटवियर कंपनी को चीन से भारत लाने वाले युवा कारोबारी आशीष जैन की बजट 2025-26 पर बड़ी प्रतिक्रिया, नॉन-लेदर फुटवियर उद्योग को नई उड़ान

भारत में नॉन-लेदर फुटवियर उद्योग अब भी लेदर फुटवियर और लेदर निर्यात की तुलना में कमजोर है। इसे बढ़ावा देना आवश्यक है क्योंकि यह क्षेत्र बड़े पैमाने पर चीन जैसे देशों से जुड़ा हुआ है। इस क्षेत्र को मजबूती देने और उसे प्राथमिकता में लाकर भारत वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ सकता है। सरकार की […]

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मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए ऐतिहासिक बजट: करदाताओं को बड़ी राहत

भारत सरकार के 2025-26 के बजट में मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक घोषणा की गई है। आयकर स्लैब को बढ़ाकर 12 लाख रुपये करने का निर्णय करदाताओं के लिए एक महत्वपूर्ण राहत है। नए कर ढांचे के तहत, 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई आयकर देय नहीं होगा। इसके अतिरिक्त, स्टैंडर्ड […]

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Jacques Derrida

फ्रांसीसी दार्शनिक जैक्स डेरिडा का सिद्धांत ‘विखंडनवाद’ के बारे में आप कितना जानते हैं, पढ़िए वर्तमान में इसकी प्रासंगिकता

जैक्स डेरिडा का विखंडनवाद (Deconstruction) एक दार्शनिक सिद्धांत है जो 1960 के दशक में विकसित हुआ था। यह सिद्धांत भाषा, साहित्य और दर्शन के क्षेत्र में विशेष रूप से प्रभावशाली रहा है। जैक्स डेरिडा (Jacques Derrida) 20वीं सदी के सबसे प्रभावशाली फ्रांसीसी दार्शनिकों में से एक थे। उन्होंने विखंडनवाद (Deconstruction) की अवधारणा प्रस्तुत की, जो […]

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सामाजिक नैतिकता को दीमक सरीखा चाट रहा एकल परिवारों का चलन

प्रियंका सौरभ बढ़ते एकल परिवारों ने हमारे समाज का स्वरूप ही बदल दिया। आजकल के बच्चों को वो संस्कार और अनुशासन नहीं मिल रहे है जो उन्हें संयुक्त परिवारों से विरासत में मिलते थे, और इसी का परिणाम है कि समाज में परिवारों का टूटना, घरेलू हिंसा, असुरक्षा की भावना, आत्महत्या, बलात्कार , अपहरण आदि […]

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ग्रामीण भारत की कहानी बदल रही है स्वामित्व योजना

डॉ सत्यवान सौरभ स्वामित्व (ग्रामीण क्षेत्रों में सुधारित प्रौद्योगिकी के साथ गांवों का सर्वेक्षण और मानचित्रण) पहल से भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में बदलाव आ रहा है। इस पहल के तहत सरकार द्वारा सटीक संपत्ति स्वामित्व डेटा और स्पष्ट स्वामित्व रिकॉर्ड के प्रावधान से भूमि विवादों में कमी आ रही है। इस कार्यक्रम के माध्यम […]

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समस्याओं से जूझता भारतीय गणतंत्र

प्रियंका सौरभ हालांकि यह सच है कि भारत ने लोकतंत्र की दिशा में महत्त्वपूर्ण प्रगति की है, लेकिन स्वतंत्रता के बाद इस देश और इसके समाज में जो उच्च आदर्श स्थापित होने चाहिए थे, वे आज ठीक इसके विपरीत हैं, जहाँ भ्रष्टाचार, दहेज और लोगों के बीच नफ़रत के साथ-साथ अन्य मुद्दे भी व्याप्त हैं। […]

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यमुना जल पर केजरीवाल का बवाल: बड़ा सवाल! हरियाणा की भाजपा सरकार दिल्ली के लिए अमोनिया मिले पानी को भेजेगी?

डब्ल्यूएचओ, जिसके लिए यह 1948 में अपनी स्थापना के बाद से जाना जाता है, अमेरिका के हटने के परिणामस्वरूप निम्न-गुणवत्ता वाली सेवाएं प्रदान करेगा। सार्वजनिक स्वास्थ्य हलकों के अनुसार, भारत को महामारी की तैयारी, टीबी, एड्स, रोगजनक और एंटीबायोटिक प्रतिरोध निगरानी, अन्य कार्यक्रमों में अधिक निवेश करने के लिए तैयार रहना चाहिए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप […]

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नई ‘भारतीय-भाषा’ बनाइए…भाषा का झगड़ा मिटाईए…

नई दिल्ली [भारत], 29 जनवरी: भारत की राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने हेतु संदेश देते हुए, वर्तमान नामधारी मुखी ठाकुर दलीप सिंघ जी ने कहा कि भारत को “विश्व गुरु” बनाने के लिए तथा राष्ट्र की तरक्की करने के लिए; हिन्दी तथा दक्षिणी भाषाओं का झगड़ा मिटाने की आवश्यकता है; तभी भारतवासी एक हो कर, […]

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tiranga yatra

भारतीय गणतंत्र दिवस: वर्तमान परिप्रेक्ष्य में भारतीय लोकतंत्र की प्रासंगिकता

डॉ प्रमोद कुमार भारतीय गणतंत्र दिवस, 26 जनवरी, भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण दिन है। यह दिन 1950 में भारतीय संविधान के लागू होने और भारत के एक गणतंत्र के रूप में स्थापित होने का प्रतीक है। यह न केवल भारत के लोकतांत्रिक ढांचे की नींव को दर्शाता है, बल्कि यह हमारे मूलभूत […]

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गणतंत्र दिवस विशेष: संविधान सभा की बहस से संबंधित तथ्य

डॉ राकेश कुमार आर्य( लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता हैं ) आज देश अपना ७६ वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। २६ जनवरी १९५० भारतीय संविधान के लागू होने की तिथि है। उस दिन हमारे सनातन राष्ट्र भारतवर्ष ने अपने गणतंत्र का […]

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