अत्यधिक महत्वकांक्षा से टूटती परिवार के रिश्तों की डोर…

बिखर रहे चूल्हे सभी, सिमटे आँगन रोज। नई सदी ये कर रही, जाने कैसी खोज॥ प्रियंका सौरभ पिछले कुछ समय में पारिवारिक ढांचे में काफ़ी बदलाव हुआ है। मगर परिवारों की नींव का इस तरह से कमजोर पड़ना कई चीजों पर निर्भर हो गया है। अत्यधिक महत्त्वाकांक्षी होना ही रिश्ते टूटने की प्रमुख वज़ह है। […]

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में क्यों नही जा रहा महाकुंभ? अगर आपका भी यही सवाल अपने से है तो ये पढ़े!!

महाकुंभ को लेकर आप भी कहीं FOMO रोग के शिकार तो नहीं! क्या है फ़ोमो? FOMO (Fear of Missing Out) यानी छूट जाने का डर एक मानसिक अवस्था या भावनात्मक प्रतिक्रिया है, जिसमें व्यक्ति को यह चिंता होती है कि वे किसी महत्वपूर्ण, रोचक, या आनंददायक गतिविधि से वंचित हो सकते हैं। FOMO के लक्षण: […]

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युवाओं को लेकर कांग्रेस के संगठात्मक ढांचे में बड़े फेरबदल की जरुरत

भारत जब आजाद हुआ तो कई सारे विकसित देशों खासकर पश्चिम के देशों को लगा कि भारत जैसा इतना बड़ा देश लोकतांत्रिक तरीके से नहीं चल पाएगा। भारत का लोकतंत्र फेल हो जाएगा और सबसे बड़ा लिखित संविधान भी किसी काम नहीं आएगा। लेकिन इसके उलट आज इतने सालों बाद भारत को एक सफल लोकतांत्रिक […]

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गरीबी: स्थिति या मानसिक सोच?

गरीबी, हमारे देश में एक ऐसी समस्या है, जिसे खत्म करने के लिए सबसे ज्यादा प्रयास किए गए। इसके लिए हर प्रकार की योजनाएँ, कार्यक्रम और अभियान चलाए गए, फिर भी इस समस्या से छुटकारा नहीं पाया जा सका। इसका एक कारण यह है कि इस समस्या को केवल एक आर्थिक स्थिति मानकर ही इसका […]

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व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी: न्यूज़ से व्यूज बढाने के खेल से आपकी भावनाओं और सोच को कण्ट्रोल करने का तंत्र

आप अपने घर में, परिवार में, या किसी दोस्त के साथ बैठे रहते हैं.. तभी आपके whatsapp पर मैसेज आता है “फलानी जगह, फ़लाने ने फलाने की ह्त्या कर दी, ह्त्या करने वाले का नाम ये था”.. आप नाम देखते हैं, आपका धर्म उस से कनेक्ट करते हैं, और फिर आपका बीपी बढ़ता है.. आप […]

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आगरा को मिलेगा बहुप्रतीक्षित युद्ध स्मारक: नगर निगम की साहसी पहल

बृज खंडेलवाल ताज के शहर आगरा को आखिरकार एक युद्ध स्मारक मिलने जा रहा है। एक ऐसी श्रद्धांजलि, जिसकी लंबे समय से प्रतीक्षा थी। आगरा नगर निगम ने शहर में एक भव्य युद्ध स्मारक बनाकर भारत के वीर सैनिकों के बलिदान का सम्मान करने के अपने निर्णय की घोषणा की है। यह ऐतिहासिक निर्णय नागरिकों […]

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राजनीति में युवाओं की भागीदारी की आवश्यकता

डॉ सत्यवान सौरभ अगर राजनीतिक दल युवाओं को राजनीति में शामिल करने के बारे में गंभीर हैं तो उन्हें कई तरह के कदम उठाने होंगे। पहला कदम सरकार द्वारा युवा मानदंड में बदलाव करना होगा। आज 34-35 वर्ष की आयु के लोगों को भी युवा माना जाता है। इस मानदंड को कम करने की आवश्यकता […]

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अमेरिका प्रवासियों का देश कहा जाता है अवैध आप्रवासियों का नहीं, आखिर इस फोटो वीडियो पे बवाल क्यों?

इस फोटो वीडियो पे बवाल चल रहा है। अब जरा गौर फरमाइए की ये लोग घुसपैठिए हैं। बिना डॉक्यूमेंट , वीजा के पहुंच गए हैं। कोई दीवार फांद, कोई पानी की नाव से, कोई कंटेनर में छुप के, कोई कार्गो के डब्बे में छुप के अमेरिका में दाखिल हुआ है। ऐसे घुसना गैर कानूनी है, […]

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क्या नई कृषि योजना से किसान हो पायेगा धन-धान्य पूर्ण?

प्रियंका सौरभ बजट में प्रत्यक्ष सब्सिडी की तुलना में वित्तीय सहायता को अधिक प्राथमिकता दी गई है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि किसानों को सामान्य सब्सिडी के बजाय फसल-विशिष्ट और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के आधार पर अनुरूप सहायता मिले। डिजिटल सलाहकार सेवाओं और मृदा स्वास्थ्य निगरानी के माध्यम से धान किसानों के लिए लक्षित सहायता […]

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किताबों और अखबारों को बनाइए अपना साथी, ज़िन्दगी को जीने और देखने का बदल जाएगा नज़रिया

डॉ सत्यवान सौरभ विडंबना यह है कि बहुत से माता-पिता भी यही मानते हैं कि चुटकुले, मनोरंजन, रील बनाना और जो चाहे खाना, ये सब जीवन में ख़ुशी और आनंद की कुंजी हैं। इस उपभोक्तावादी मानसिकता के परिणामस्वरूप युवाओं का ज्ञान और मूल्यों का अधिग्रहण लगभग बंद हो गया है। हालाँकि, चूँकि घरों में अखबार, […]

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