book release ceremony by som thakru

आकाश के सितारे स्व. सर्वज्ञ शेखर गुप्त की द्वितीय पुस्तक “शेष अशेष अभिमत” का अद्भुत लोकार्पण, देखें तस्वीरें

Agra, Uttar Pradesh, India. साहित्यसेवी, लेखक, कवि, पत्रकार और बैंक अधिकारी रहे और आकाश के सितारे बन चुके सर्वज्ञ शेखर गुप्त की प्रथम पुण्य तिथि पर उनकी दूसरी पुस्तक “शेष अशेष अभिमत” का लोकार्पण वाकई अद्भुत रहा। पुस्तक का तीन बार लोकार्पण किया गया। सर्वज्ञ शेखर के सभी परिजनों ने मंच पर आकर लोकार्पण किया। […]

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पुण्‍यतिथि: राष्‍ट्रकवि की उपाधि प्राप्‍त जनकवि थे ‘दिनकर’

पुण्‍यतिथि: राष्‍ट्रकवि की उपाधि प्राप्‍त जनकवि थे ‘दिनकर’

[ad_1] 23 सितंबर 1908 को बिहार के बेगूसराय जिले के सिमरिया गाँव में जन्मे रामधारी सिंह दिनकर की आज पुण्‍यतिथि है। उनकी मृत्‍यु 24 अप्रैल 1974 को बेगूसराय में हुई थी। दिनकर ने शुरू से अंत तक जितनी भी रचनाएँ कीं, वे बिना किसी डर केऔर निस्वार्थ भाव से केवल जनता के लिए ही थीं। […]

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शेक्सपियर डे आज: साहित्‍यप्रेमी जिसे फेस्टिवल की तरह मनाते हैं

शेक्सपियर डे आज: साहित्‍यप्रेमी जिसे फेस्टिवल की तरह मनाते हैं

[ad_1] किताबों, साहित्‍य के शौकीनों के लिए आज का दिन किसी फेस्टिवल से कम नहीं। दुनिया के सबसे बेहतरीन नाटककार विलियम शेक्सपियर की याद में हर साल इस दिन को शेक्सपियर डे Shakespeare Day के रूप में मनाते हैं।उनकी डेट ऑफ बर्थ को लेकर कन्‍फ्यूजन है मगर परंपरागत रूप से उसे 23 अप्रैल को मनाया […]

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आज पृथ्‍वी दिवस पर पढ़िए सुमित्रानंदन पंत की मशहूर कविता

आज पृथ्‍वी दिवस पर पढ़िए सुमित्रानंदन पंत की मशहूर कविता

[ad_1] छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक सुमित्रानंदन पंत का जन्‍म बागेश्‍वर (उत्तराखंड) के कौसानी में हुआ था। वहां का उनका घर आज ‘सुमित्रा नंदन पंत साहित्यिक वीथिका’ नामक संग्रहालय बन चुका है। झरना, बर्फ, पुष्प, लता, भ्रमर-गुंजन, उषा-किरण, शीतल पवन, तारों की चुनरी ओढ़े गगन से उतरती संध्या तक सब उनके […]

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पुण्‍यतिथि: कश्मीरी पंडित थे उर्दू और फ़ारसी के शायर अल्‍लामा इक़बाल

पुण्‍यतिथि: कश्मीरी पंडित थे उर्दू और फ़ारसी के शायर अल्‍लामा इक़बाल

[ad_1] उर्दू और फ़ारसी के शायर और कवि अल्‍लामा इक़बाल का इंतकाल 1938 में आज के ही दिन अविभाजित भारत के लाहौर में हुआ था। 09 नवंबर 1877 को सियालकोट में जन्‍मे अल्‍लामा इक़बाल मुहम्मद इक़बाल मसऊदी था।इक़बाल के दादा सहज सप्रू हिंदू कश्मीरी पंडित थे जो बाद में सिआलकोट आ गए। इनकी प्रमुख रचनाएं […]

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पुण्‍यतिथि विशेष: भारत के प्रसिद्ध बांसुरी वादक पन्‍नालाल घोष

पुण्‍यतिथि विशेष: भारत के प्रसिद्ध बांसुरी वादक पन्‍नालाल घोष

[ad_1] भारत के प्रसिद्ध बांसुरी वादक पन्‍नालाल घोष की आज पुण्‍यतिथि है। 24 जुलाई 1911 को पूर्वी बंगाल के बारीसाल में जन्‍मे पन्‍नालाल घोष की मृत्‍यु 20 अप्रैल 1960 को दिल्‍ली में हुई थी। उनका असली नाम ‘अमूल ज्योति घोष’ था।पन्‍नालाल घोष को “बांसुरी का मसीहा” नई बांसुरी का जन्मदाता और भारतीय शास्त्रीय संगीत का […]

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लियोनार्दो दा विंची: दुनिया में कम ही होती हैं ऐसी शख्सियतें

लियोनार्दो दा विंची: दुनिया में कम ही होती हैं ऐसी शख्सियतें

[ad_1] कोई व्‍यक्ति बहुमुखी प्रतिभा का धनी हो ऐसी शख्सियत दुनिया में कम ही होती हैं लेकिन लियोनार्दो दा विंची ऐसी ही एक शख्सियत थे।आपको जानकर हैरत हो सकती है कि वे पेंटर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, गणितज्ञ, मूर्तिकार, डॉक्टर, आविष्कारक, भूगोल शास्त्री, संगीतकार, लेखक और वनस्पति विज्ञानी थे।उन्‍होंने मोनालीसा की तस्वीर बनाकर खुद को और मोनालीसा […]

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अपनी कालजयी कृति Monalisa को पूरा नहीं कर पाए थे विंची

अपनी कालजयी कृति Monalisa को पूरा नहीं कर पाए थे विंची

[ad_1] पुनर्जागरण के महान चित्रकार लियोनार्डो दा विंची की कृति Monalisa को लेकर कई कहानियां प्रचलित हैं। अब नई रिसर्च के हवाले से कहा जा रहा है कि यह महान कलाकार अपनी कृति Monalisa को पूरी नहीं कर पाए थे क्योंकि उनके शरीर का दाहिना हिस्सा स्ट्रोक के कारण कमजोर पड़ गया था।लियोनार्डो दा विंची […]

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कवि सम्मेलन

तू मान न मान, कवि तो तीन ही हैं दिनेश रघुवंशी, विनीत चौहान और अपने शशांक प्रभाकर भाईजान, देखें वीडियो

Agra, Uttar Pradesh, India. व्यंग्यकार डॉ. अनुज त्यागी ने ‘फन्नी ढाबा कवि सम्मेलन’ की वार्षिक श्रृंखला शुरू की है। आर्थिक संकटों का सामना करते हुए कवि सम्मेलन करा रहे हैं, नामी-गिरामी कवियों को बुला रहे हैं। आगरा वालों को गुदगुदा रहे हैं, तनाव से मुक्ति दिला रहे हैं। दुष्ट कोरोना आया, अनेक दुश्वारियां लाया। ‘फन्नी […]

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हिन्दी एवं नेपाली के प्रसिद्ध कवि गोपाल सिंह नेपाली की पुण्‍यतिथि

हिन्दी एवं नेपाली के प्रसिद्ध कवि गोपाल सिंह नेपाली की पुण्‍यतिथि

[ad_1] 11 अगस्त 1911 को बिहार के पश्चिमी चम्पारन अंतर्गत बेतिया में जन्‍मे कवि गोपाल सिंह नेपाली का निधन 17 अप्रैल 1963 को हुआ। हिन्दी एवं नेपाली के प्रसिद्ध कवि गोपाल सिंह नेपाली का मूल नाम गोपाल बहादुर सिंह है।उन्होंने बम्बइया हिन्दी फिल्मों के लिये गाने भी लिखे। वे एक पत्रकार भी थे जिन्होंने “रतलाम […]

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