पढ़िए देश के कुछ चुनिंदा कवियों की हास्‍य रचनाएं

पढ़िए देश के कुछ चुनिंदा कवियों की हास्‍य रचनाएं

[ad_1] विश्व हास्य दिवस सारी दुनिया में यूं तो मई महीने के पहले रविवार को मनाया जाता है किंतु कई देशों में इसे लेकर कार्यक्रम सप्‍ताह भर तक चलते हैं। इस नाते आप इसे हास्‍य सप्‍ताह मान सकते हैं। इसका विश्व दिवस के रूप में प्रथम आयोजन 11 जनवरी 1998 को मुंबई में किया गया […]

Continue Reading
पुण्‍यतिथि विशेष: बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे महान चित्रकार विंची

पुण्‍यतिथि विशेष: बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे महान चित्रकार विंची

[ad_1] कोई व्‍यक्ति बहुमुखी प्रतिभा का धनी हो ऐसी शख्सियत दुनिया में कम ही होती हैं लेकिन लियोनार्दो दा विंची ऐसी ही एक शख्सियत थे।आपको जानकर हैरत हो सकती है कि वे पेंटर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, गणितज्ञ, मूर्तिकार, डॉक्टर, आविष्कारक, भूगोल शास्त्री, संगीतकार, लेखक और वनस्पति विज्ञानी थे।उन्‍होंने मोनालीसा की तस्वीर बनाकर खुद को और मोनालीसा […]

Continue Reading
आज के ही दिन कोलकाता में पैदा हुए थे सुरों के सरताज मन्ना डे

आज के ही दिन कोलकाता में पैदा हुए थे सुरों के सरताज मन्ना डे

[ad_1] सुरों के सरताज मन्ना डे का आज जन्मदिन है। 1 मई 1919 को कोलकाता के एक रुढ़िवादी संयुक्त बंगाली परिवार में मन्ना डे का जन्‍म हुआ था। प्यार से मन्ना डे को लोग मन्ना दा के नाम से पुकारते थे। मन्ना डे का वास्तविक नाम प्रबोध चन्द्र डे था। कॉलेज के दिनों वे कुश्ती […]

Continue Reading
नंबरों के माध्यम से पेंटिंग बनाने वाले कलाकर थे Dan robbins

नंबरों के माध्यम से पेंटिंग बनाने वाले कलाकर थे Dan robbins

[ad_1] नंबरों के माध्यम से पेंटिंग को आसान बनाने वाले कलाकार थे Dan robbins, उनका 93 साल की उम्र में विगत वर्ष निधन हो गया। उन्होंने पेंट बाई नंबर किट बनाकर पेंटिंग को आसान कर दिया था।1950 के दशक में अमेरिका के अंदर उनकी यह किट काफी लोकप्रिय हुई थी। शुरू में उनके काम की […]

Continue Reading
राजा रवि वर्मा, जिन्‍होंने घर-घर पहुंचा दिए देवी-देवताओं के च‍ित्र

राजा रवि वर्मा, जिन्‍होंने घर-घर पहुंचा दिए देवी-देवताओं के च‍ित्र

[ad_1] 20वीं सदी में केवल राजा रवि वर्मा ही एकमात्र ऐसे भारतीय चित्रकार थे जिनको आयल पेंटिंग आती थी। उन आयल पेंटिंग से उन्होंने भारतीय देवी देवताओं को उभारा जो एकदम सजीव लगे जिसे भारतीय हिन्दू अपने घरों में देवताओं की तरह पूजने लगे। इससे पहले केवल मूर्तियों का प्रचलन था और मन्दिर जाना पड़ता […]

Continue Reading
क्‍यों व्यथित हैं मिथिला और गोदना पेंटिंग करने वाले कलाकार?

क्‍यों व्यथित हैं मिथिला और गोदना पेंटिंग करने वाले कलाकार?

[ad_1] चटकीले रंगों, जीवंत चित्रों एवं बारीकियों की वजह से खास पहचान रखने वाली ‘मिथिला पेंटिंग’ और उसके साथ कदमताल करती ‘गोदना पेंटिंग’ जातियों में बंटे समाज में समरसता लाने में अहम भूमिका निभा रही हैं लेकिन इनके कलाकार अपनी मेहनत का उचित दाम ना मिलने और बिचौलियों द्वारा अपना हक मारे जाने से व्यथित […]

Continue Reading
पुण्‍यतिथि: हिंदी के प्रतिष्ठित कवि, लेखक और आलोचक मलयज

पुण्‍यतिथि: हिंदी के प्रतिष्ठित कवि, लेखक और आलोचक मलयज

[ad_1] हिंदी के प्रतिष्ठित कवि, लेखक और आलोचक मलयज का निधन 26 अप्रैल 1982 को हुआ था। आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश) में जन्‍मे मलयज का असल नाम भरत श्रीवास्तव था।रामचन्द्र शुक्ल की आलोचनात्‍मक दृष्टि को पुनर्व्याख्यायित करने में मलयज का महत्त्वपूर्ण योगदान है, जिसके कारण हिंदी आलोचना जगत में वे विशेष उल्लेखनीय माने जाते हैं।उन्होंने हिन्दी […]

Continue Reading
shesh ashesh abhimat

स्व. सर्वज्ञ शेखर गुप्त की पुस्तक शेष अशेष अभिमत की समीक्षाः सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का पथ प्रशस्त हो रहा

गद्य की आलेख एक तत्वप्रधान विधा है। आलेख साहित्यिक अभिव्यंजना का सबसे दुरुह एवं कठिन पाथ है। आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के शब्दों में “भाषा की पूर्णता का विकास आलेखों में ही *सबसे अधिक संभव है।”* हम ध्यान से देखें तो इस विधा में व्यक्ति अपने स्वतंत्र व्यक्तित्व, निजीपन व अपने दृष्टिकोण का प्रकटन बहुत ही […]

Continue Reading
महानतम शास्‍त्रीय गायक बड़े ग़ुलाम अली ख़ाँ की पुण्‍यतिथि आज

महानतम शास्‍त्रीय गायक बड़े ग़ुलाम अली ख़ाँ की पुण्‍यतिथि आज

[ad_1] भारत के महानतम शास्‍त्रीय गायकों व संगीतज्ञों में से एक उस्ताद बड़े ग़ुलाम अली ख़ाँ की आज पुण्‍यतिथि है। 02 अप्रैल 1902 को अविभाजित भारत के लाहौर में पैदा हुए ग़ुलाम अली ख़ाँ का इंतकाल 25 अप्रैल 1968 के दिन आंध्रप्रदेश के हैदराबाद में हुआ था।ग़ुलाम अली ख़ाँ के गायन को सुनकर कुछ समय […]

Continue Reading
साहित्यकार चन्द्रबली पाण्डेय, जिनका एक-एक पर्चा भी डॉक्टरेट के लिए पर्याप्त था

साहित्यकार चन्द्रबली पाण्डेय, जिनका एक-एक पर्चा भी डॉक्टरेट के लिए पर्याप्त था

[ad_1] हिन्दी साहित्यकार चन्द्रबली पाण्डेय का आज जन्‍मदिन है। वह 25 अप्रैल 1904 को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिला अंतर्गत नसीरुद्दीन पुर नामक गाँव में पैदा हुए थे।उन्होने हिंदी भाषा और साहित्य के संरक्षण, संवर्धन और उन्नयन में अपने जीवन की आहुति दे दी। वे नागरी प्रचारिणी सभा के सभापति रहे तथा दक्षिण भारत में […]

Continue Reading