आगरा, 20 जनवरी। 509 आर्मी वर्कशॉप के ब्रिगेडियर सिद्धार्थ मलिक (सेना मेडल) ने कहा कि वेंडर विकास कार्यक्रम आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। देश में लगभग 6.5 करोड़ एमएसएमई इकाइयाँ कार्यरत हैं, जो करीब 30 प्रतिशत जीडीपी में योगदान देती हैं। ऐसे में एमएसएमई को सशक्त बनाना देश की आर्थिक मजबूती और रोजगार सृजन के लिए आवश्यक है।
ब्रिगेडियर मलिक मंगलवार को फाउंड्री नगर स्थित एमएसएमई तकनीकी विकास केंद्र (पी.पी.डी.सी.) में शुरू हुए दो दिवसीय वेंडर (विक्रेता) विकास कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम एमएसएमई-विकास कार्यालय द्वारा खरीद एवं विपणन सहायता (पी.एम.एस.) योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया है।
सरकारी खरीद में एमएसएमई को प्राथमिकता
इस अवसर पर एमएसएमई-विकास निदेशक विष्णु कुमार वर्मा ने बताया कि पब्लिक प्रोक्योरमेंट नीति के तहत सरकारी विभागों द्वारा 25 प्रतिशत खरीद एमएसएमई से करना अनिवार्य है। वहीं 4 प्रतिशत खरीद एससी/एसटी उद्यमियों से तथा महिला उद्यमियों से प्राथमिकता के आधार पर खरीद सुनिश्चित करने के निर्देश हैं। उन्होंने उद्यमियों को भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं—पी.एम.एस., इनक्यूबेशन, बारकोड, सी.डी.पी., जेड (ZED), लीन आदि की जानकारी देते हुए इनका लाभ उठाने का आह्वान किया। साथ ही चैम्पियंस पोर्टल के माध्यम से शिकायत निवारण की सुविधा पर भी प्रकाश डाला।
बायर-सेलर मीट और गुणवत्ता पर जोर
कार्यक्रम में दीपक अग्रवाल, राष्ट्रीय सचिव, लघु उद्योग भारती ने बायर-सेलर मीट के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं किशोर खन्ना, चेयरमैन, फैक्ट्री ऑनर्स एसोसिएशन ने वेंडर डेवलपमेंट की प्रक्रिया, आवश्यकता और समय पर गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति की भूमिका को अहम बताया।
ऋण व वित्तीय सहायता की जानकारी
अभिजीत श्रीवास्तव, एजीएम, पंजाब नेशनल बैंक ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के तहत उद्यमियों को ऋण और वित्तीय सहायता से जुड़ी जानकारी दी। वहीं सचिन राजपाल, प्रधान निदेशक, पी.पी.डी.सी. ने लागत नियंत्रण, गुणवत्ता सुधार, स्किल डेवलपमेंट और ट्रेडमार्क पंजीकरण जैसे विषयों पर उपयोगी मार्गदर्शन दिया।
तकनीकी सत्र में जेम व प्रोक्योरमेंट नीति पर चर्चा
तकनीकी सत्र के दौरान सुरेन्द्र मोहन कालरा (आईआईए सहारनपुर), पुष्पेन्द्र सूर्यवंशी (कार्यालय प्रमुख, एससी/एसटी हब) तथा कपिल कुमार (एनपीसीआईएल) ने लाभार्थियों को जेम प्रोक्योरमेंट, पब्लिक प्रोक्योरमेंट पॉलिसी 2012 और एससी/एसटी हब की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत में अभिषेक सिंह (सहायक निदेशक) ने धन्यवाद ज्ञापन किया। मंच संचालन नेहा मेहतो (सहायक निदेशक) ने किया, जबकि कार्यक्रम का समन्वयन जितेन्द्र यादव (सहायक निदेशक) ने किया।
इस आयोजन में लगभग 70 एमएसएमई इकाइयों द्वारा स्टॉल लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से उद्यमियों को नेटवर्किंग, बाजार विस्तार और सरकारी खरीद प्रक्रियाओं से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
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