आगरा: ताजनगरी के जनपद न्यायालय (दीवानी) परिसर में सोमवार को एक बार फिर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब प्रशासन को बम रखे होने का धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ। इस सूचना के बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आईं और पूरे परिसर को खाली कराकर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया।
पुलिस छावनी में तब्दील हुई दीवानी
सोमवार सुबह जैसे ही बम की सूचना मिली, भारी पुलिस बल के साथ बम निरोधक दस्ता (BDDS) और खोजी कुत्तों (Dog Squad) के दल ने मोर्चा संभाल लिया। सुरक्षा कारणों से वकीलों और वादकारियों को गेट पर ही रोक दिया गया, जिससे न्यायिक कार्यों में व्यवधान उत्पन्न हुआ। दोपहर तक एजेंसियां कोर्ट रूम से लेकर पार्किंग और झाड़ियों तक की तलाशी में जुटी रहीं। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है।
12 दिन में दूसरी बार मिली चुनौती
गौरतलब है कि आगरा दीवानी परिसर को निशाना बनाने की यह दूसरी कोशिश है। इससे पहले बीते 24 फरवरी को भी इसी तरह का धमकी भरा ईमेल आया था, जो जांच के बाद महज एक अफवाह (Hoax) साबित हुआ था। ठीक 12 दिन बाद दोबारा वही धमकी मिलने से सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्क हैं और अब ईमेल भेजने वाले ‘साइबर अपराधी’ की कुंडली खंगाली जा रही है।
सुरक्षा पर उठे सवाल
बार-बार मिल रही धमकियों ने कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस महानिरीक्षक और एसएसपी कार्यालय इस मामले की गंभीरता से मॉनिटरिंग कर रहे हैं। साइबर सेल की मदद से उस आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रैक किया जा रहा है, जिससे यह मेल भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि शहर की शांति भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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