महोबा में भाजपा बनाम भाजपा: जल शक्ति मंत्री का काफिला रोक अपनों ने ही घेरा, विधायक और मंत्री में तीखी बहस

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महोबा। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में शुक्रवार को उस समय सियासी तापमान अचानक बढ़ गया, जब गांवों में पेयजल संकट और जर्जर सड़कों को लेकर भाजपा के ही दो दिग्गज आमने-सामने आ गए। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और चरखारी से भाजपा विधायक बृज भूषण राजपूत के बीच हुआ यह टकराव देखते-देखते प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गया।

दरअसल, चरखारी क्षेत्र के कई गांवों में जल जीवन मिशन के तहत बिछाई जा रही पाइपलाइन के बावजूद पानी न पहुंचने और खुदाई के बाद सड़कों की मरम्मत न होने से विधायक लंबे समय से नाराज चल रहे थे। शुक्रवार को जब जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह महोबा दौरे पर पहुंचे, तो विधायक बृज भूषण राजपूत अपने समर्थकों और करीब 100 ग्राम प्रधानों के साथ मौके पर पहुंच गए। इसी दौरान गुस्सा फूट पड़ा और मंत्री के काफिले को बीच रास्ते रोक लिया गया।

रामश्री महाविद्यालय के पास स्थिति उस वक्त तनावपूर्ण हो गई, जब मंत्री और विधायक समर्थकों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। नारेबाजी, धक्का-मुक्की और पुलिस से झड़प तक की नौबत आ गई, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। हालात बिगड़ते देख मंत्री स्वतंत्र देव सिंह खुद विधायक को साथ लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे।

डीएम कार्यालय में सभी ग्राम प्रधानों के साथ आपात बैठक बुलाई गई। सुरक्षा के मद्देनज़र कार्यालय के गेट अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए। बैठक में विधायक ने साफ तौर पर आरोप लगाया कि गांवों में पानी की भारी किल्लत है और जल जीवन मिशन के नाम पर सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है, जिससे जनता बेहद परेशान है.

इस पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया कि महोबा में जल जीवन मिशन को लेकर असंतोष सिर्फ जनता तक सीमित नहीं है, बल्कि अब सत्तारूढ़ दल के भीतर भी खुलकर सामने आ गया है। भाजपा के मंत्री और विधायक के बीच यह सार्वजनिक टकराव आने वाले दिनों में प्रशासन और सरकार के लिए नई चुनौती बन सकता है।

Dr. Bhanu Pratap Singh