Agra, Uttar Pradesh, India. भारतीय जनता पार्टी के सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल अचानक ही आगरा-फिरोजाबाद रोड पर कुबेरपुर स्थित नेमिनाथ होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहीं पर श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी द्वारा आइसोलेशन सेंटर चलाया जा रहा है। सांसद बघेल ने प्रत्येक मरीज से मिले। उनका हालचाल जाना। मरीजों न जो कुछ बताया, उसे सुनकर दंग रह गए।
नेमिनाथ होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज के निदेशक और देश के जाने-माने होम्योपैथ डॉ. प्रदीप गुप्ता, क्षेत्र बजाजा कमेटी के अध्यक्ष अशोक गोयल और वरिष्ठ अध्यक्ष सुनील विकल ने उन्हें मरीजों से मिलवाया। सभी मरीजों से बातचीत की। उनके कारण डॉ. प्रदीप गुप्ता को भी मास्क लगाना पड़ा। वैसे वे मास्क नहीं लगाते हैं। बाकी सभी तो मरीजों से दूरी बनाकर रहे लेकिन डॉ. प्रदीप गुप्ता उनके पास तक गए और छुआ भी।
सभी मरीजों ने यहां मिल रहे इलाज और स्टाफ के व्यवहार की तारीफ की। इतना ही नहीं, सबने डॉ. प्रदीप गुप्ता को सराहा। सांसद बघेल के लिए यह अकल्पनीय था। जब उन्हें बताया गया कि तीन हजार रुपये प्रतिदिन में बिस्तर, भोजन, दवा, जलपान और ऑक्सीजन की सुविधा दी जा रही है तो अचरज में पड़ गए। यह भी कहा कि कई मरीजों से एक नया पैसा भी नहीं लिया जा रहा है। मरीजों ने कहा कि होम्योपैथी पद्धति से इलाज चल रहा है और बहुत लाभ है। कई मरीजों ने कहा कि जब यहां आए तो सांस नहीं ली जा रही थी लेकिन अब ठीक हैं। ऐलोपैथी में इंजेक्शन लगा-लगाकर हाथ सुजा दिए थे।
प्रोफेसर बघेल को यह जानकर ताज्जुब हुआ कि यहां के डॉक्टर और स्टाफ मास्क नहीं लगाता है। कोरोना ग्रसित मरीजों से दिन में तीन बार मिलते हैं और फिर भी स्वस्थ हैं। तीमारदारों को भी कोरोना से बचाव की दवा दी जाती है। इसी कारण कोरोना मरीज के साथ रहने के बाद भी कोई तीमारदार बीमार नहीं होता है। अन्य अस्पतालों में तो तीमारदार मरीज को दूर से भी नहीं देख सकता है।

अशोक गोयल और सुनील विकल ने बताया कि भर्ती मरीजों को प्रतिदिन हल्दी वाला दूध दिया जाता है। तीमारदार साथ रहते हैं। रूम में दो बिस्तर होते हैं। जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों के तीमारदारों के लिए गद्दे बिछवाए गए हैं। उनका भी पूरा ध्यान रखा जाता है। सुनील विकल ने बताया कि सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल ने आइसोलेशन सेंटर की व्यवस्था को अद्भुत और अकल्पनीय बताया है। यहां वास्तव में सेवा की जा रही है। उन्हें अनुमान नहीं था कि होम्योपैथी से कोरोना मरीज ठीक हो सकते हैं। यहां सब अपनी आँखों से देखा तो विश्वास हो गया।
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