पाकिस्तान में भारत के पूर्व उच्चायुक्त अजय बिसारिया ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को जवाब देने को लेकर अपनी राय व्यक्त की है। बिसारिया ने कहा कि अगर आप आज पीछे मुड़कर देखें, तो निश्चित रूप से 2008 में, भारत को यह जवाब देना चाहिए था जो उसने आखिरकार 2016 और 2019 में सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के साथ दिया।
उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि आतंकवाद और 1980 के दशक में पंजाब में भारत को जो पीड़ा सहनी पड़ी, उसे कम किया जा सकता था यदि भारत ने 90 के दशक की शुरुआत में कठोर शक्ति कार्रवाई की होती।
पूर्व उच्चायुक्त ने कहा कि इनमें से किसी भी राज्य में हस्तक्षेप की प्रतिक्रिया के रूप में… भारत को आखिरकार उप-पारंपरिक क्षेत्र में आतंकवाद का जवाब मिल गया है। इसकी वजह है कि अब पाकिस्तान जानता है कि उसने अपने सुरक्षा प्रतिमानों में प्रवेश कर लिया है कि आतंकवाद के किसी भी कृत्य का कड़ा जवाब दिया जाएगा। फिर चाहे यह स्टेट एक्टर्स या नॉन स्टेट एक्टर्स की तरफ की गई हो। बिसारिया ने कहा कि इसलिए पाकिस्तान यह जानता है कि उसे ऐसे किसी भी व्यवहार की कीमत चुकानी पड़ेगी। ऐसे में वह अपने व्यवहार में बदलाव लाएगा।
बिसारिया ने अपनी किताब ‘एंगर मैनेजमेंट: द ट्रबल्ड डिप्लोमेटिक रिलेशनशिप बिटवीन इंडिया एंड पाकिस्तान’ में कई बातों का खुलासा किया है। बिसारिया ने अपनी आने वाली बुक में यह भी लिखा है कि भारत विंग कमांडर अभिनंदन को वापस लाने के लिए इंडियन एयरफोर्स अपना एक प्लेन पाकिस्तान भेजना चाह रहा था, लेकिन पाकिस्तान ने अनुमति नहीं दी।
वर्तमान में ग्रुप कैप्टन अभिनंदन ने 27 फरवरी, 2019 को एक पाकिस्तानी जेट को मार गिराया था। इस दौरान उनके मिग 21 बाइसन जेट को मार गिराया गया था। पाकिस्तानी सेना ने भारतीय पायलट को बंधक बना लिया था। हालांकि, भारत के कूटनीतिक दबाव की वजह से दिन बाद उन्हें छोड़ा गया था।
-एजेंसी
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