
इटावा। केंद्र की मोदी सरकार ने हाल ही में जीएसटी के स्लैब में बदलाव करते हुए कई वस्तुओं पर दरें घटाई हैं। सरकार का दावा है कि इससे महंगाई पर काबू पाने में मदद मिलेगी, लेकिन विपक्ष इसे महज़ दिखावा बता रहा है। समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख व इटावा से सांसद अखिलेश यादव ने रविवार को जीएसटी रिफॉर्म्स पर सवाल उठाए।
मीडियाकर्मियों से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा, “जब जीएसटी लागू हुआ था, तब कहा गया था कि व्यापार बढ़ेगा और व्यापारी टैक्स देने में आसानी महसूस करेंगे। लेकिन शायद यह पहला कानून है, जिसमें बार-बार संशोधन करने पड़े। सरकार को अब खुद मानना पड़ रहा है कि गरीबों के जीवन में सुधार के लिए जीएसटी में बदलाव ज़रूरी था।”
उन्होंने आगे सवाल उठाया कि जीएसटी लागू होने के बाद असल में मुनाफ़ा किसे हुआ? और किन लोगों को बेवजह लाभ कमाने दिया गया? अखिलेश ने कहा, “स्लैब कम करने से महंगाई कम नहीं होगी। अमेरिका ने टैरिफ लगा दिए हैं, जिससे निर्यात ठप हो रहा है और देश की अर्थव्यवस्था पर चोट लग रही है। ‘मेक इन इंडिया’ बर्बाद हो रहा है, और स्वदेशी का नारा सरकार के दिल में नहीं, सिर्फ़ ज़ुबान पर है।”
सपा प्रमुख ने दावा किया कि बार-बार के संशोधन सरकार की नीतिगत विफलता को उजागर करते हैं और यह जनता को गुमराह करने का एक और तरीका है।
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