जनगणना 2027 पर संग्राम: अखिलेश यादव ने उठाए सवाल, बोले- जब जाति का कॉलम ही नहीं तो गिनेंगे क्या?

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लखनऊ/नई दिल्ली। केंद्र सरकार की ओर से जनगणना 2027 को लेकर अधिसूचना जारी होने के बाद सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अधिसूचना में जाति कॉलम न होने को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जब अधिसूचना में जाति का कॉलम ही नहीं है तो फिर गिनती किस चीज की होगी।

अखिलेश यादव ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “जनगणना की अधिसूचना में जाति का कॉलम तक नहीं है, गिनेंगे क्या। जातिगत जनगणना भी भाजपा का जुमला है। भाजपा का सीधा फार्मूला है, न गिनती होगी, न आनुपातिक आरक्षण-अधिकार देने का जनसांख्यिकीय आधार बनेगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि जातिगत जनगणना न कराना पीडीए समाज के खिलाफ साजिश है।

“भाजपा पर भरोसा करने वाले खुद को ठगा महसूस कर रहे”

अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में आगे कहा कि भाजपा पर भरोसा करने वाले लोग अब खुद को ठगा और अपमानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के वे नेता और कार्यकर्ता, जो अब तक जातिगत जनगणना कराने का दावा कर रहे थे, अब अपने समाज में जवाब देने की स्थिति में नहीं बचे हैं।

उन्होंने लिखा कि पीडीए समाज को अपने सम्मान, आरक्षण और अधिकार की लड़ाई खुद लड़नी होगी।

“भाजपा इसे टाइपिंग मिस्टेक कहकर बचने की कोशिश करेगी”

सपा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि जब विरोध बढ़ेगा तो भाजपा इसे “टाइपिंग मिस्टेक” बताकर बचने की कोशिश करेगी। उन्होंने भाजपा पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि अब भाजपा की “वचन-विमुखी” राजनीति सबके सामने आ चुकी है।

दो चरणों में होगी जनगणना

अधिसूचना के मुताबिक जनगणना 2027 दो चरणों में कराई जाएगी।

पहला चरण: अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच, जिसमें घरों की सूची और उससे जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी।

दूसरा चरण: फरवरी 2027 में, जिसमें जनसंख्या की गिनती की जाएगी।

केंद्र सरकार की अधिसूचना में मकान, परिवार और वाहन समेत 33 सवालों को शामिल किए जाने की बात सामने आई है।

Dr. Bhanu Pratap Singh