​’अच्युतम केशवं’ की धुन पर झूम उठा आगरा का श्री हरिकृष्ण वृद्धजन सम्मान भवन, तीसरी सनातन भक्ति संगीत संध्या का भव्य आयोजन

PRESS RELEASE

​आगरा: पुरुषोत्तम अधिक मास की पावन बेला में सिकंदरा स्थित ‘श्री हरिकृष्ण वृद्धजन सम्मान भवन’ में आयोजित तीसरी ‘सनातन भक्ति संगीत संध्या’ ने श्रद्धालुओं को भक्ति के सागर में सराबोर कर दिया। रेस्पेक्ट एज इंटरनेशनल और सुभारत संगीत निकेतन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में संगीत और नृत्य की जुगलबंदी ने समां बांध दिया।

​दीप प्रज्ज्वलन के साथ भक्ति का आगाज

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती और भगवान श्रीराम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन तथा समाजसेवी हरिकृष्ण गुप्ता को भावपूर्ण श्रद्धांजलि देकर किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि पंडित मुकेश प्रकाश शर्मा (जज, फिरोजाबाद), डॉ. गिरीश गुप्ता, डॉ. वी.डी. अग्रवाल और डॉ. विनोद माहेश्वरी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि ने अपने सारगर्भित प्रवचन में राम कथा की जीवन में प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।

संगीत और नृत्य का अद्भुत संगम

​संगीत संध्या में कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं । समृद्धि सिंह, प्रशांत परिहार और साथियों ने ‘अच्युतम केशवम…’ गाकर माहौल को कृष्णमय बना दिया। वहीं, रागिनी जैन, प्रतीक्षा जैन और वैभव शर्मा सहित अन्य कलाकारों ने ‘इतनी शक्ति हमें देना दाता’ और शिव स्तुति ‘योगेश्वराय महादेवाय’ की भावपूर्ण प्रस्तुति दी।

दीपाली कुमारी के कृष्ण नृत्य और निशा शर्मा के राधा नृत्य ने दर्शकों का मन मोह लिया। करीना गोयल ने ‘एक राधा एक मीरा…’ सुनाकर मंत्रमुग्ध कर दिया, जबकि बाल कलाकार अयान खान की आवाज में ‘ओ पालन हारे…’ ने खूब तालियां बटोरीं।

महिमा सत्संगी का सूफी गीत ‘चौक पुरावो…’, अरमा कुमारी का राधास्वामी भजन और सुभारत संगीत निकेतन के विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।

वृद्धजनों का सम्मान और आभार

कार्यक्रम के दौरान एक विशेष सम्मान समारोह का भी आयोजन हुआ, जिसमें दीपांजलि चक्रवर्ती, माया देवी, केशव लवानिया और संजय गुप्ता को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का संचालन अरमा कुमारी ने किया, जबकि संगीत निर्देशन का जिम्मा पंडित देवाशीष गांगुली ‘संगीतेश’ ने संभाला। तबले पर प्रशांत अदक ने अद्भुत संगत की। अंत में डॉ. गिरीश गुप्ता ने सभी अतिथियों और कलाकारों के प्रति आभार व्यक्त किया।

Dr. Bhanu Pratap Singh