आगरा: शहर को झकझोर देने वाले 24 मई के जिपलाइन हादसे ने अब एक नया और तीखा मोड़ ले लिया है। चौपाटी में 45 फीट की ऊंचाई से गिरकर 16 साल के कुनाल अग्रवाल की दर्दनाक मौत के मामले में पीड़ित परिवार ने न्याय की मांग तेज कर दी है। कुनाल के पिता पंकज अग्रवाल ने विधायक मनीष असीजा द्वारा दी गई 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद लेने से साफ इनकार कर दिया है और चेक वापस लौटा दिया है।
’सरकारी मदद के नाम पर प्राइवेट कंपनी का चेक’
पीड़ित पिता पंकज अग्रवाल ने आरोप लगाया कि विधायक ने उन्हें यह कहकर चेक दिया था कि यह एडीए (ADA) की तरफ से आर्थिक सहायता है। पिता ने बताया, “मैं ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं हूं, इसलिए शुरू में भरोसा कर लिया। लेकिन जब मेरी पत्नी ने चेक देखा, तो उस पर ‘विजन एम्युजमेंट पार्क प्रा. लिमिटेड, दिल्ली’ का नाम दर्ज था। हमें सरकारी मदद के नाम पर प्राइवेट कंपनी का चेक थमाकर गुमराह किया गया, जिसे हमने तुरंत ठुकरा दिया।”
45 फीट से गिरा, 2 घंटे तड़पता रहा कुनाल
रोते हुए पिता ने हादसे की भयावहता बयां की। उन्होंने कहा, “मेरा बच्चा 45 फीट की ऊंचाई से नीचे आ गिरा। वह दो घंटे तक दर्द से तड़पता रहा, लेकिन वहां न तो कोई एंबुलेंस थी और न ही प्राथमिक उपचार की कोई व्यवस्था। अंत में हमें उसे ऑटो से अस्पताल ले जाना पड़ा। हमें 10 लाख रुपये नहीं, बल्कि उन हत्यारों को सजा चाहिए जिन्होंने सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाईं।”
जांच में सामने आई चौंकाने वाली लापरवाही
एडीए (ADA) की पांच सदस्यीय जांच समिति ने हादसे के पीछे की लापरवाही का कच्चा-चिट्ठा खोल दिया है:
तकनीकी खामी: सेफ्टी किट का हुक सही तरीके से लॉक नहीं किया गया था।
खतरनाक जाल: नीचे लगा सेफ्टी जाल अत्यधिक टाइट था, जिससे बच्चा उस पर टकराकर उछल गया और नीचे जा गिरा।
प्रबंधन की संवेदनहीनता: हादसे के तुरंत बाद भी राइड नहीं रोकी गई और लोग झूला झूलते रहे।
न्यूनतम सुरक्षा नदारद: मौके पर फर्स्ट एड और मेडिकल सुविधा का पूर्ण अभाव था।
मां की गुहार और प्रशासन पर सवाल
कुनाल की मां रिंकी अग्रवाल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा, “अगर समय पर एंबुलेंस मिल जाती, तो शायद आज मेरा कुनाल जीवित होता।” वहीं, पिता पंकज अग्रवाल ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने जल्दबाजी में तहरीर ली और कई जरूरी तथ्य उसमें शामिल नहीं किए।
50 लाख मुआवजे की मांग और आंदोलन की चेतावनी
इधर, अखिल भारतीय अग्रवाल महासभा ने पीड़ित परिवार के समर्थन में मोर्चा खोल दिया है। महासभा ने शासन-प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कुनाल के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने और दोषियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द ही न्याय नहीं मिला, तो समाज सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगा।
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