आगरा: आगरा के पत्रकारिता और बौद्धिक जगत के लिए बुधवार का दिन एक अपूरणीय क्षति लेकर आया। शहर के वरिष्ठ पत्रकार, प्रख्यात लेखक और राजा बलवंत सिंह (RBS) कॉलेज के अंग्रेजी विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. नेविल स्मिथ का 86 वर्ष की आयु में हृदयघात के कारण निधन हो गया। वे पिछले कुछ वर्षों से अपनी पुत्री के साथ सहारनपुर में रह रहे थे।
पत्रकारिता का एक गौरवशाली अध्याय
डॉ. नेविल स्मिथ शहर के विख्यात पत्रकार स्वर्गीय टॉमस स्मिथ के सुपुत्र थे। उन्होंने न केवल शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अमिट छाप छोड़ी, बल्कि पत्रकारिता में भी पांच दशक लंबा सफर तय किया। वे देश की प्रमुख समाचार एजेंसी ‘पीटीआई’ (PTI) और प्रतिष्ठित समाचार पत्र ‘द स्टेट्समैन’ के साथ लंबे समय तक जुड़े रहे। उन्हें शहर की अंग्रेजी पत्रकारिता का एक प्रमुख स्तंभ माना जाता था।
ज्ञान और ईमानदारी के प्रतीक
डॉ. स्मिथ अपने सशक्त लेखन, स्पष्टवादी स्वभाव और अपनी बेदाग छवि के लिए हमेशा याद किए जाएंगे। वे मूल रूप से आगरा के घटिया क्षेत्र स्थित अपने पुश्तैनी मकान में निवास करते थे। उनके करीबी सहयोगी और आरबीएस कॉलेज के अंग्रेजी विभाग के प्रो. संजय कुमार मिश्र ने बताया कि 14 जून को हृदयघात के बाद उन्हें देहरादून के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ से ठीक होने के बाद वे सहारनपुर चले गए थे।
अधूरी रह गई अंतिम कृति
डॉ. स्मिथ केवल एक शिक्षक और पत्रकार ही नहीं, बल्कि आगरा के इतिहास के आधिकारिक ज्ञाता भी थे। उनके द्वारा हाल ही में आगरा के इतिहास पर एक पुस्तक लिखी गई थी, जिसे लेकर वे काफी उत्साहित थे और अगले एक-दो महीनों में ही उसका विमोचन होना था। उनके निधन से यह महत्वपूर्ण दस्तावेज एक संरक्षक खो बैठा है।
डॉ. नेविल स्मिथ के निधन पर शहर के पत्रकारों, शिक्षाविदों और उनके पूर्व छात्रों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उनकी मृत्यु को शहर के बौद्धिक जगत के लिए एक युग का अंत माना जा रहा है।
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