आगरा। डीएफएस, वित्त मंत्रालय भारत सरकार और आरबीआई के निर्देश पर शुक्रवार को मंडलायुक्त सभागार में दावा रहित जमा (Unclaimed Deposits) संबंधी जागरूकता एवं समाधान शिविर का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की जानकारी लीड बैंक मैनेजर तथा केनरा बैंक के एलडीएम श्री ऋषिकेश बनर्जी ने दी।
शिविर में जनपद के सभी प्रमुख बैंकों, एलआईसी, एनपीएस, म्यूचुअल फंड संस्थाओं आदि ने अपने–अपने समाधान स्टॉल लगाए तथा लोगों को दावा रहित खातों और उनके निस्तारण की प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया।
सत्र में बताया गया कि देशभर में करोड़ों रुपये ऐसी जमा राशि के रूप में पड़े हैं, जिनका दावा खाताधारकों या उनके वारिसों ने वर्षों से नहीं किया है। जनता में जागरूकता की कमी इस समस्या की सबसे बड़ी वजह है।
एलडीएम ऋषिकेश बनर्जी ने बताया कि जनपद में पिछले 10 वर्षों से निष्क्रिय पड़े 22 बैंकों के 7.82 लाख खातों में लगभग 240.86 करोड़ रुपये जमा हैं। इनकी समाधान प्रक्रिया शिविर में विस्तार से समझाई गई।
शिविर के दौरान विभिन्न बैंकों, एलआईसी, एनपीएस और अन्य संस्थाओं के 174 खाताधारकों की कुल 1.33 करोड़ रुपये की डंप राशि का निस्तारण भी कराया गया।
उन्होंने बताया कि इस अभियान में एसबीआई, पीएनबी, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इंडियन ओवरसीज बैंक सहित कुल 22 राष्ट्रीयकृत और अन्य बैंक शामिल हैं। सभी बैंकों द्वारा संयुक्त रूप से जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 25 दिसंबर 2025 तक चलेगा।
एलडीएम ने बताया कि ऐसे खाताधारक जिनके खाते दस वर्षों से निष्क्रिय हैं, वे अपनी बैंक शाखाओं से संपर्क कर लाभ उठा सकते हैं। बैंक प्रतिनिधि डीईएफ (DEF) क्लेम फॉर्म उपलब्ध कराएंगे, आरबीआई पोर्टल पर खातों का विवरण जांचेंगे, संबंधित दस्तावेज—आधार, पैन, वोटर कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, पासबुक की कॉपी—लेकर फॉर्म आरबीआई मुख्यालय भेजेंगे।
करीब 10–15 दिनों के भीतर सत्यापन पूरा होने पर संबंधित खाताधारक के बैंक खाते में डंप राशि सीधे जमा कर दी जाएगी।
शिविर ने आम जनता में दावा रहित जमा को लेकर जागरूकता बढ़ाने और पुराने निष्क्रिय खातों को सक्रिय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
– up18news
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